न्यूज डेस्क, 25 जुलाई 2026:
नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर देश की सड़क से लेकर संसद तक घमासान अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जश्न का माहौल बन गया। ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों के बीच अभ्यर्थियों ने पेपर लीक के तनाव में अपनी जान गंवाने वाले साथी छात्रों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा… जो कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, हमने ले लिया! झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। लेकिन हम यहीं नहीं रुकेंगे। हम कॉकरोच हैं, एक बार घुसते हैं तो आसानी से निकलते नहीं। इस्तीफा तो बस शुरुआत है। हमारी मांग है कि नीट धांधली के कारण सुसाइड करने वाले हर बच्चे के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

हालांकि, जश्न के इस माहौल के बीच जंतर-मंतर की तस्वीरें बेहद खौफनाक और तनावपूर्ण रहीं। शनिवार दोपहर टॉलस्टॉय मार्ग और एलआईसी बिल्डिंग के पास प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी भिड़ंत हो गई। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए बैरिकेड्स उखाड़ फेंके, पुलिस पर पथराव किया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की।
स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस और आरएएफ (RAF) की टीमों ने मोर्चा संभाला। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के कई गोले दागे। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पानी की बोतलें और पत्थर बरसाए, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। इस बीच सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर नागरिकों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने, डराने और जंतर-मंतर की नाकेबंदी करने का आरोप लगाते हुए इसे तुरंत बंद करने की मांग की।
दूसरी ओर, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने खुलासा किया कि हिंसा और अफवाहों को बढ़ावा देने वाले 400 से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि ये वही अकाउंट्स हैं जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वक्त भी सक्रिय हुए थे। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी खबर पर बिना ‘फैक्ट चेक’ किए भरोसा न करें। फर्जी खबरों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।






