न्यूज डेस्क, 17 मई 2026:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुई आशंकाओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रही तनातनी के बावजूद एक और एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया है। यह जहाज करीब 20 हजार टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा है। इससे देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज ‘सिमी’ ने 13 मई को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था। खास बात यह है कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बनने के बाद अब तक 15 एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि भारत आने वाला एक और एलपीजी जहाज भी हाल ही में सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार कर चुका है।

इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ईरान ने भी बड़ा भरोसा दिलाने की कोशिश की है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा बनाए रखना ईरान की जिम्मेदारी है और मित्र देशों को व्यापारिक सुरक्षा के लिए तेहरान पर भरोसा रखना चाहिए।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने दावा किया कि क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा। वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया अब नए वैश्विक दौर में प्रवेश कर रही है। पश्चिम का प्रभुत्व धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय ‘ग्लोबल साउथ’ का होगा।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम बैठक हुई। इसमें व्यापार, युद्ध, ताइवान और पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव पर गहन चर्चा की गई।






