Uttarakhand

SIR अभियान की ग्राउंड रिपोर्ट लेने निकले CEO, बोले- छोटी गलतियों में वोटरों को न हो परेशानी

एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिसों की सुनवाई का लिया जायजा, बीएलओ को सामान्य मामलों का मौके पर निस्तारण करने के निर्देश, अनमैप्ड मतदाताओं के मामलों में ईआरओ, एईआरओ स्तर पर सुनवाई पर जोर

देहरादून, 4 अगस्त 2026:

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम मंगलवार को देहरादून के अलग-अलग मतदान केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रही नोटिसों की सुनवाई की प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान मतदान केंद्रों पर मौजूद मतदाताओं से सीधे बातचीत कर उनका फीडबैक भी लिया, ताकि यह समझा जा सके कि वोटर लिस्ट अपडेट के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही।

उन्होंने राजपुर विधानसभा के बूथ संख्या 65 स्थित प्राथमिक विद्यालय दिलाराम बाजार और रायपुर विधानसभा के बूथ संख्या 10 स्थित प्राथमिक विद्यालय डांडा खुदानेवाला का निरीक्षण किया। अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और मौके पर जरूरी निर्देश भी दिए।

फील्ड विजिट का मकसद बताया

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि फील्ड विजिट का मकसद सिर्फ रिपोर्ट लेना नहीं, बल्कि जमीन पर आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को समझना है। इसी वजह से प्रदेश के सभी आयुक्तों, जिलाधिकारियों, ईआरओ समेत दूसरे अधिकारियों को भी नियमित रूप से मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को हरिद्वार जिले के कई मतदान केंद्रों का भी इसी तरह निरीक्षण किया गया था और वहां की स्थिति का आकलन किया गया।

बीएलओ को दिए वोटरों को राहत वाले निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन नोटिसों में सामान्य तरह की विसंगतियां हैं, उनका निस्तारण बीएलओ अपने स्तर पर ही करें। संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर मामलों को जल्द निपटाया जाए, ताकि मतदाताओं को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि छोटी तकनीकी या सामान्य त्रुटियों के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।
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अनमैप्ड मतदाताओं पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हो सकी है, उनके मामलों को गंभीरता से लिया जाए। ऐसे मामलों की सुनवाई ईआरओ और एईआरओ स्तर पर नियमानुसार की जाए, ताकि पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक मामले की जांच तय नियमों के मुताबिक की जाए और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए।

जिलों में भी भेजी गई अधिकारियों की टीमें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सिर्फ देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में सीईओ कार्यालय के अधिकारियों को अलग-अलग जिलों का जिम्मा सौंपा गया है। इन अधिकारियों को मौके पर जाकर मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने, एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा करने और जरूरी सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के मुताबिक अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे को देहरादून और हरिद्वार की जिम्मेदारी दी गई है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ का निरीक्षण करेंगे। उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास को ऊधमसिंह नगर, टिहरी और उत्तरकाशी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, रायपुर के ईआरओ डॉ अपूर्वा सिंह, राजपुर के ईआरओ तनवीर मारवाह और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली भी मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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