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रक्षा मंत्री ने किया वीरांगना अवंतीबाई के शौर्य का बखान, बोले- हर भारतीय को नारी शक्ति पर गर्व

राजनाथ सिंह ने किया रानी अवंतीबाई की प्रतिमा का अनावरण, बोले- 27 साल की उम्र में अंग्रेजी हुकूमत को दी थी चुनौती, खेरी की लड़ाई में किसानों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना का किया मुकाबला, आत्मसमर्पण के बजाय चुनी शहादत, नई पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए उनके साहस की कहानी

प्रमोद कुमार

मलिहाबाद (लखनऊ), 30 अगस्त 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके साहस, देशभक्ति व आत्मसम्मान को याद किया। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई ने बेहद मुश्किल दौर में अपने राज्य की जिम्मेदारी संभाली। अंग्रेजों ने जब उनके राज्य पर कब्जे की कोशिश की तो उन्होंने झुकने के बजाय हथियार उठाकर मुकाबला किया।

27 साल की उम्र में अंग्रेजों से लिया लोहा

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राजनाथ सिंह ने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रानी अवंतीबाई की उम्र महज 27 साल थी। उन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। खेरी की लड़ाई में किसानों व आम लोगों का साथ लेकर उन्होंने ब्रिटिश सेना को चुनौती दी। रक्षा मंत्री ने इसे उनकी असाधारण सैन्य क्षमता का उदाहरण बताया।

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आत्मसमर्पण नहीं, आखिरी सांस तक लड़ाई

रक्षा मंत्री ने कहा कि अंग्रेजी सेना से घिरने के बाद भी रानी अवंतीबाई ने आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने देश व अपने सम्मान के लिए आखिरी दम तक लड़ने का फैसला किया। उनकी शहादत आज भी देश के इतिहास में साहस की मिसाल है।

प्रतिमा को बताया इतिहास से जोड़ने वाला प्रतीक

राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में लगाई गई रानी अवंतीबाई की प्रतिमा सिर्फ लोहे व पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि देश के इतिहास से नई पीढ़ी को जोड़ने का जरिया है। इसके जरिए युवाओं को उनके साहस, नेतृत्व, आत्मसम्मान व बलिदान के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

महिलाओं की शक्ति का किया जिक्र

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की महिलाओं ने सिर्फ शासन या सामाजिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में भी अपनी क्षमता साबित की है। आज सियाचिन की ऊंचाइयों से लेकर समुद्र की गहराइयों तक महिलाएं देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्रवाई में महिला पायलटों व सैनिकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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हर क्षेत्र में महिलाओं ने खुद को साबित किया

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह नए भारत की नारी शक्ति है, जो हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है व नेतृत्व कर रही है। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई की कहानी बताती है कि अन्याय व गुलामी के खिलाफ खड़ा होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने उस सोच को भी चुनौती दी जो महिलाओं की क्षमता को कम आंकती थी।

यूपी सरकार का महिला सुरक्षा पर फोकस मजबूत

राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हालात बदले हैं। उनके मुताबिक पहले बेटियों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता चिंतित रहते थे, अब अपराध करने वालों को अपने किए का डर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा व सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के हौसले सरकार ने तोड़े हैं।

अंबेडकर से लेकर अवंतीबाई तक विरासत का जिक्र

रक्षा मंत्री ने रानी अवंतीबाई लोधी से लेकर भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर तक देश के महान व्यक्तित्वों की विरासत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. अंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है। रानी अवंतीबाई ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। अब मौजूदा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि उनके साहस, देशभक्ति व आत्मसम्मान की कहानी अगली पीढ़ी तक पहुंचाए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, अमरेश कुमार, जया देवी, विपिन कुमार डेविड सहित लोधी समाज के लोग मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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