
लखनऊ, 13 सितंबर 2026:
यूपी एटीएस ने आतंकवाद और कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है।एटीएस के मुताबिक नबील प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन ग्रुप के जरिए फैलाने में सक्रिय था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर उन्हें जिहाद के लिए तैयार करने और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था।
एटीएस के अनुसार आजमगढ़ के दीदारगंज क्षेत्र का रहने वाला नबील ऑनलाइन सामग्री साझा करने तक सीमित नहीं था। वह अलग-अलग डिजिटल ग्रुप के जरिए भारत और विदेश के लोगों को जोड़ रहा था। जांच में ऐसे समूहों में आतंकी विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा किए जाने की बात सामने आई है।
कोडवर्ड में चलता था पूरा खेल
नबील के मोबाइल की जांच में ‘ला गालिब-इलल्लाह’ नाम का व्हाट्सऐप ग्रुप मिला। एटीएस के मुताबिक बातचीत में जिहाद, चाकू, केमिकल और प्लान जैसे शब्दों के लिए ट्रिप, पेन, जूस और प्रोजेक्ट जैसे कोडवर्ड इस्तेमाल किए जाते थे। एजेंसी अब इन बातचीत और कोडवर्ड के जरिए नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

जांच में कथित तौर पर ऐसी किताबों का भी जिक्र मिला जिनका इस्तेमाल कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार में किया जाता था। इनमें अनवर उल अवलाकी की ‘जिहाद करने के 44 तरीके’ और AQIS के पूर्व प्रमुख आतंकी मौलाना आसिम उमर की ‘तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल’ शामिल हैं। एटीएस का कहना है कि नबील ने इन्हें ग्रुप में प्रसारित किया और सदस्यों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जम्मू-कश्मीर से विदेश तक नेटवर्क जोड़ने की कोशिश
एटीएस के मुताबिक नबील जम्मू-कश्मीर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को नेटवर्क में जोड़ रहा था। जांच में पाकिस्तान की मदद से भारत में हिंसक गतिविधियों और कथित गजवा-ए-हिंद की योजना पर काम करने का भी आरोप सामने आया है।
नबील ‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप से भी जुड़ा था। जांच एजेंसी के अनुसार उसमें बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग शामिल थे। यहां AQIS की विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा किए जाने का दावा है।
पाकिस्तान में ट्रेनिंग की कथित तैयारी
सबसे गंभीर आरोप यह है कि नबील ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े लोगों को पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर रहा था। एटीएस के अनुसार, वह पाकिस्तान समेत अन्य स्थानों पर बम बनाने की ट्रेनिंग दिलाने की योजना बना रहा था। ग्रुप में बम बनाने से संबंधित वीडियो और पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने से जुड़ी जानकारी साझा किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।






