
लखनऊ, 15 सितंबर 2026:
यूपी में पर्यटन विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने अब परियोजनाओं को कागजों से निकालकर तेजी से जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को पर्यटन भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को लंबित एस्टिमेट्स का निस्तारण एक दिन के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वीकृत सभी परियोजनाओं के शिलान्यास की प्रक्रिया दशहरा तक शुरू करने को कहा।
मंत्री के निर्देशों से साफ है कि प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए मंजूर हो चुकी परियोजनाओं को अब विभागीय प्रक्रियाओं में लंबा इंतजार नहीं करना होगा। जयवीर सिंह ने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, उनके एस्टिमेट से संबंधित लंबित कार्रवाई में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। विभाग का लक्ष्य स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में जमीन पर उतारना होना चाहिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं जल्द मिल सकें।
धार्मिक पर्यटन पर भी खास फोकस
बैठक में भविष्य की पर्यटन योजनाओं में शामिल किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें गोरखपुर के बुढ़िया माता मंदिर, आगरा की वाल्मीकि वाटिका और अमेठी के तपेश्वरनाथ मंदिर के विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। इन परियोजनाओं के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।

पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं से जुड़ी आवश्यक तैयारियां और औपचारिकताएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी परियोजना की स्वीकृति और उसके क्रियान्वयन के बीच अनावश्यक अंतर नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य भी निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए।
‘विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं’
अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने भी अधिकारियों को परियोजनाओं को टाइम बाउंड तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। हर परियोजना की प्रगति निर्धारित समय के अनुरूप सुनिश्चित की जाए जिसे पर्यटन विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर लोगों और पर्यटकों तक पहुंच सके। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार समेत पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






