Uttarakhand

पहाड़ों पर अब नहीं भटकेंगे ट्रेकर्स, 100 रूट्स की होगी GPS मैपिंग, धामी ने रवाना किया अभियान दल

सीएम ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से दिखाई हरी झंडी, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की बनाईं टीमें करेंगी सर्वेक्षण, कहा- ऑफलाइन व ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप किया जाएगा विकसित, आपातकालीन परिस्थितियों में राहत व बचाव कार्यों में मिलेगी सहायता

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 18 सितंबर 2026ः

उत्तराखंड में साहसिक व ट्रेकिंग पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसको देखते हुए ट्रेकिंग अब अधिक सुरक्षित, आसान और व्यवस्थित होगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से उत्तराखंड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की जीपीएस-जीआईएस (GPS-GIS) मैपिंग व तकनीकी सर्वेक्षण के लिए जाने वाले अभियान दल को रवाना किया। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा गठित टीमें चयनित ट्रेक रूट्स का सर्वेक्षण कर उनकी जीपीएस-जीआईएस मैपिंग करेंगी।

सीएम ने कहा कि राज्य के प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों के साथ ही दूरस्थ व कम प्रसिद्ध ट्रेक रूट्स को सुव्यवस्थित रूप से पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रेक रूट्स की वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकर्स को मार्ग से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत व बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ उत्तराखंड की संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

ये भी पढ़ें:

धामी ने कहा कि इस परियोजना से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होमस्टे व पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत राज्य के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की जीपीएस-जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा।
uttarakhand-100-trekking-routes-gps-mapping-pushkar-singh-dhami (2)

मैपिंग के आधार पर ऑफलाइन व ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा, जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ट्रेकर्स अपने मोबाइल फोन पर ट्रेल एवं रूट से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद उत्तराखंड सभी 100 मैप किए गए ट्रेक मार्गों को कवर करने वाला ऑफलाइन व ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। ऐप ट्रेकर्स को बेहतर नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन में भी उपयोगी होगा।

सचिव पर्यटन ने बताया कि मैपिंग के दौरान ट्रेक रूट्स पर कैंप साइट्स, डस्टबिन एवं शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग रूट्स पर आवश्यक सुविधाओं के विकास, बेहतर कूड़ा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सकेगा। उत्तराखंड पर्यटन के आधिकारिक मास्टर प्लान में भी ट्रेक मार्गों की सुरक्षा, संचार सुविधा, संकेतक और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना गया है।
uttarakhand-100-trekking-routes-gps-mapping-pushkar-singh-dhami (3)

उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में सतत एवं विज्ञान आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करने में सहायक होगी। परियोजना के अंतर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी, जिससे राज्य के कम प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें  38वें राष्ट्रीय खेल में दर्शकों को मिल रही निःशुल्क ई-ऑटो सेवा

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link