
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 2 सितंबर 2026ः
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद सामने आए ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने उत्तराखंड की सियासत में घमासान मचा दिया है। मामला अब केवल एक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी राजनीतिक जंग का मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक सम्मान, समानता और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर सरकार को घेर रही है। वहीं, भाजपा कांग्रेस पर मामले को राजनीतिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है। बुधवार को कांग्रेस भवन में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान करते हुए सात सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव की घोषणा की है।
भाजपा नेताओं ने घटना को उचित ठहराने का किया प्रयास
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि शुद्धिकरण की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और पार्टी नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को वापस लिया जाए। यदि धामी सरकार सात सितंबर से पहले कांग्रेस की मांगों पर कार्रवाई करती है तो पार्टी अपने आंदोलन के कार्यक्रम पर पुनर्विचार कर सकती है, लेकिन फिलहाल घेराव तय है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कथित घटना को उचित ठहराने का प्रयास किया, जिसे पार्टी सामाजिक और राजनीतिक रूप से गंभीर मुद्दा मान रही है।
किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं करेंगे
उन्होंने कहा है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जाति अथवा सामाजिक पहचान के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर भाजपा इस पूरे विवाद को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रही है। इस विवाद ने उत्तराखंड में सामाजिक समरसता, जातीय राजनीति और विपक्ष की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल ‘शुद्धिकरण’ विवाद उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा-कांग्रेस के बीच नए सियासी संघर्ष का केंद्र बन गया है।






