
लखनऊ, 27 सितंबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में संगठन को नए सिरे से कसने की कवायद तेज हो गई है। बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाने और छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी देने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने अब राष्ट्रीय संगठन का नया ढांचा तैयार किया है। इसके तहत पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर तीन सेक्टरों में बांटकर राज्यों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है।
नई व्यवस्था में सेक्टर-1 में 10 राज्य रखे गए हैं। इन राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश राव को केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर दी गई है। वहीं सेक्टर-2 में नौ राज्य शामिल हैं। इनकी जिम्मेदारी पूर्व राज्यसभा सांसद राजाराम और पूर्व विधायक अतरसिंह राव संभालेंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सेक्टर-3 में है। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है। इन दोनों राज्यों का संगठन लखनऊ स्थित पार्टी के केंद्रीय कैंप कार्यालय से सीधे देखा जाएगा। यानी पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण चुनावी क्षेत्र की निगरानी का नियंत्रण केंद्रीय नेतृत्व यानी कि मायावती और ईशान आनंद के पास ही रहेगा।
मायावती के इस संगठनात्मक फेरबदल को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब बसपा कुछ ही माह बाद होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है। हाल के दिनों में पार्टी में परिवार और संगठन से जुड़े कई अहम बदलाव हुए हैं। गत 23 सितंबर को मायावती ने ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया था।

संगठन के साथ जमीन पर उतरने का संदेश
मायावती ने सेक्टर-1 और सेक्टर-2 के प्रभारियों को निर्देश दिया है कि उनके क्षेत्र में आने वाले राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तूफान से प्रभावित लोगों की पार्टी कार्यकर्ता अपनी सामर्थ्य के अनुसार मदद करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए अलग से धन एकत्र नहीं किया जाएगा जिससे राहत कार्य की आड़ में किसी तरह के गलत इस्तेमाल की गुंजाइश न रहे।
1.जैसाकि यह विदित है कि पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न भागो में भारी वर्षा व आँधी, तूफान आदि के कारण जनता काफी मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे कुदरती विकट हालात में सम्बन्धित सभी राज्य सरकारों को प्रभावित लोगों की हर स्तर पर पूरी-पूरी मदद करनी चाहिये। बी.एस.पी. की यह मांग है।…
— Mayawati (@Mayawati) September 27, 2026
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अधिक प्रभावित राज्यों में राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को भी भेजा जा सकता है। वहीं यूपी और उत्तराखंड पर वह स्वयं नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी कर सकती हैं।
मायावती ने केंद्र सरकार से भी अधिक प्रभावित राज्यों की सरकारों को समय पर पूरी मदद देने की अपील की। इसके साथ ही महाराष्ट्र के सूखे से प्रभावित इलाकों और किसानों के लिए राज्य सरकार से जमीनी स्तर पर तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की।






