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RBI का बड़ा झटका! रेपो रेट 5.5% हुआ, महंगा पड़ेगा Home Loan और Car Loan, बढ़ेगी EMI

साढ़े तीन साल बाद रेपो रेट में हुई बढ़ोतरी, 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा, 30 लाख के होम लोन पर हर महीने करीब 476 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं ज्यादा

न्यूज डेस्क, 7 अक्टूबर 2026:

घर या कार खरीदने के लिए सस्ते लोन का इंतजार कर रहे करोड़ों मिडिल क्लास लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले से बड़ा झटका लगा है।आरबीआई ने बुधवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट में 25 आधार अंक यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी। इसके साथ रेपो रेट अब 5.50 फीसदी हो गया है। करीब साढ़े तीन साल बाद केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट बढ़ाया है। बढ़ोतरी का सीधा असर बैंक लोन की ब्याज दरों और आने वाले समय में ग्राहकों की EMI पर पड़ सकता है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दो महीने के अंतराल पर हुई बैठक के बाद फैसले की घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के साथ वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के मकसद से यह कदम उठाया है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है।
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कितनी बढ़ सकती है आपकी EMI?

रेपो रेट बढ़ने के बाद यदि बैंक ब्याज दर में पूरी 0.25 फीसदी बढ़ोतरी ग्राहकों तक पहुंचाते हैं तो कर्ज की लागत बढ़ जाएगी। जैसे 30 लाख रुपये के 20 साल के होम लोन पर 8.50 फीसदी ब्याज के हिसाब से EMI करीब 26,035 रुपये है। ब्याज दर 8.75 फीसदी होने पर यह बढ़कर करीब 26,511 रुपये हो सकती है। यानी हर महीने लगभग 476 रुपये और सालाना करीब 5,712 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं।

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हालांकि, बैंक हमेशा EMI नहीं बढ़ाते। कई बार वे लोन की अवधि बढ़ा देते हैं। ऐसे में मासिक बोझ सीमित रह सकता है लेकिन ग्राहक को लंबे समय तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है। यानी रेपो रेट की यह बढ़ोतरी घर और गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के साथ-साथ मौजूदा कर्जदारों की जेब पर भी असर डाल सकती है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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