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‘अता पता लापता’ ने बिगाड़ी किस्मत! अब राजपाल यादव की पैतृक संपत्ति की होगी नीलामी

3.10 करोड़ की संपत्ति पर शिकंजा, फिल्म निर्माण के लिए लिया गया कर्ज बना संकट की वजह, शाहजहांपुर से मुंबई तक की संपत्तियां नीलामी सूची में, बैंक ने चस्पा किया नोटिस

न्यूज डेस्क, 6 अगस्त 2026:

बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता और कॉमेडी के लिए मशहूर राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी और आर्थिक मुश्किलों में घिर गए हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने ऋण की वसूली के लिए उनकी करीब 3.10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक ने शाहजहांपुर जिले में उनकी पैतृक संपत्ति के साथ-साथ अन्य संपत्तियों पर भी नोटिस चस्पा कर दिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इन संपत्तियों की नीलामी 9 सितंबर को की जाएगी।

बैंक की ओर से जारी नोटिस के अनुसार नीलामी में शाहजहांपुर के पैतृक गांव कुंडरा की जमीन, उस पर बना भवन तथा मुंबई समेत अन्य स्थानों पर स्थित फ्लैट भी शामिल हैं। गांव की संपत्ति का मूल्य लगभग 3 करोड़ रुपये आंका गया है। शाहजहांपुर कचहरी के पास स्थित अभिनेता के एक अन्य प्लॉट के बाहर भी कुर्की और नीलामी का नोटिस लगाया गया है।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थानीय प्रबंधक अनुज वर्मा के अनुसार मुंबई ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के आदेश पर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है। बैंक का कहना है कि अभिनेता राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी देवी पर करीब 16 करोड़ 61 लाख रुपये का ऋण बकाया है। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होने के कारण न्यायाधिकरण ने संपत्तियों की नीलामी के आदेश जारी किए हैं।

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इस फिल्म का निर्माण पड़ा भारी

यह पूरा मामला राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। वर्ष 2010 में इस फिल्म के निर्माण और निर्देशन के लिए उन्होंने करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और कर्ज समय पर नहीं चुकाया जा सका। इसके बाद चेक बाउंस के मामले दर्ज हुए। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराते हुए अभिनेता को छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा।
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हालांकि जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए करीब 9 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। राशि जमा नहीं होने पर 2 फरवरी 2026 को सरेंडर का आदेश जारी हुआ। इसके बाद राजपाल यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया और 17 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।

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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के कुंडरा गांव में 16 मार्च 1971 को जन्मे राजपाल यादव ने लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी और बाद में दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की शिक्षा प्राप्त की। 1997 में दूरदर्शन के धारावाहिक ‘मुंगेरी के भाई नौरंगीलाल’ से पहचान बनाने वाले राजपाल ने 1999 में फिल्म ‘दिल क्या करे’ से बॉलीवुड में कदम रखा।

इस फिल्म से मिली राजपाल को पहचान

वर्ष 2000 में राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘जंगल’ ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। हाल ही में उन्हें 2024 दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवॉर्ड्स में बेस्ट वर्सटाइल एक्टर सम्मान से भी नवाजा गया था। अब उनकी संपत्तियों की प्रस्तावित नीलामी एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ले आई है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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