
बाराबंकी, 6 अगस्त 2026:
दरियाबाद क्षेत्र में गुरुवार सुबह मदरसा जा रहे छात्र व खेल रहे बच्चों पर जर्जर हो चुकी ईंटों की पक्की दीवार भरभरा कर गिर गई। मासूम बच्चों पर ईंटों का मलबा चादर की तरह बिछ गया। हादसे में सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, वहीं ग्रामीणों ने दीवार की मरम्मत न होने को लेकर नाराजगी जताई है।
सुबह-सुबह हुए हादसे से गांव में मच गया कोहराम
हादसा दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के गुलचप्पा कलां (अलियाबाद) गांव में हुआ। सुबह बच्चे रोज की तरह मदरसा जा रहे थे। बताते हैं कि कुछ बच्चे खेल भी रहे थे। इसी दौरान वर्षों पुरानी ईंट की जर्जर दीवार अचानक ढह गई। देखते ही देखते पांचों बच्चे उसके मलबे में दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू किया। पूरे रास्ते में बिछीं ईंटों को हटाकर सभी बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
दो बच्चों की मौत, तीन का इलाज जारी
हादसे में गांव के मुस्लिम का 7 वर्षीय बेटा हुजैफा और उसकी 14 वर्षीय बहन हाजरा बानो की मौत हो गई। दोनों मुस्लिम के बच्चे थे। वहीं सलमान के 8 वर्षीय बेटे हस्सान, व 4 साल की बेटी हानिया और अब्दुल मन्नान का 14 वर्षीय बेटा मोहम्मद अदनान गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों का अस्पताल में इलाज जारी है।

ग्रामीण बोले, कई बार दी थी खतरे की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि जिस दीवार के गिरने से हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर थी। लगातार हो रही बारिश के बाद उसकी हालत और खराब हो गई थी। लोगों ने कई बार दीवार के मालिक से मरम्मत कराने या उसे हटाने की बात कही थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई हो जाती तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।

गांव में मातम, जर्जर इमारतों की जांच की मांग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है। अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की जर्जर दीवारों और भवनों की जांच कर उन्हें सुरक्षित कराने की मांग की है।






