बाराबंकी, 9 जून 2026:
रामनगर क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी पर बने संजय सेतु पर करीब 50 दिन बाद फिर से यातायात शुरू हो गया है। सेतु मरम्मत का काम पूरा होने के बाद नए रंग रूप में नजर आ रहा है। फिलहाल पुल पर अभी छोटे वाहनों को गुजरने की इजाजत मिली है। सब ठीक रहा तो भारी वाहनों को अभी एक हफ्ता इंतजार करना होगा। पुल बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक मार्ग और पीपा पुल का सहारा लेना पड़ रहा था। यातायात बहाल होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि पुल के ज्वाइंट खतरनाक स्तर तक उधड़ गए थे। मरम्मत के दौरान बोझ व झटके सहने वाली बेयरिंग बदलीं गईं हैं। विशेषज्ञों ने इसकी सुरक्षा व क्षमता दोनों में सुधार का दावा किया है। पुल पर नई डामर रोड बनाई गई है। फिलहाल कार, बाइक, ऑटो समेत हल्के वाहनों को ही पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है। बस, ट्रक और अन्य बड़े व्यावसायिक वाहनों का संचालन अभी शुरू नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरी सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद 15 जून से भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया जाएगा।

संजय सेतु पर मरम्मत कार्य के लिए 15 अप्रैल से यातायात बंद कर दिया गया था। इस दौरान सरयू नदी पर अस्थायी पीपा पुल बनाया गया था, जिससे छोटे वाहन गुजर रहे थे। हालांकि भारी वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था और उनके लिए चहलारी घाट हाईवे से मार्ग परिवर्तन लागू किया गया था।
वर्ष 1984 में बने इस सेतु का महत्व काफी बड़ा है। यह लखनऊ को गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत नेपाल सीमा से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग का हिस्सा है। लंबे समय से जर्जर हो चुके पुल की मरम्मत की मांग उठ रही थी। करीब दो महीने चले मरम्मत कार्य के दौरान सेतु के विस्तार जोड़ों को बदला गया। इसके अलावा संरचना से जुड़ी कई तकनीकी कमियों को भी दूर किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने यह काम कराया है। निर्धारित समय सीमा 15 जून से पहले ही काम पूरा कर लिया गया।
पुल खुलने के बाद लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा और बहराइच के बीच सफर करने वाले लोगों को अस्थायी पीपा (पांटून) पुल पर लगने वाले लंबे जाम की परेशानी से राहत मिली है। फिलहाल हल्के वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा संबंधी फार्मेलिटी पूरी होने के बाद 15 जून से भारी वाहनों के लिए भी पुल खोलने की उम्मीद है।






