Lucknow City

रंग लाई बेटियों और टीचरों की सीएम योगी से गुहार, शिक्षा के मंदिर के खुलेंगे द्वार

लखनऊ के नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल में कथित बिल्डर की कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन के बाद प्रशासन ने दिया आदेश, 250 बच्चियों की पढ़ाई पर मंडराया था संकट

लखनऊ, 8 जून 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ के पॉश एरिया हजरतगंज के नरही में 90 वर्षों से संचालित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल को बचाने के लिए बच्चों व शिक्षकों की सीएम योगी से गुहार और स्थानीय लोगों की पुकार रंग लाती दिख रही है। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक प्रशासन ने सोमवार को स्कूल में बंद कथित बिल्डर के ताले को खुलवाने के संबंध में आदेश दिया है लेकिन कुछ औपचारिकताओं के चलते शाम तक ताला खुल नहीं सका था।

विद्यालय में ताला लगाए जाने का मामला शनिवार को उस समय सुर्खियों में आया जब अचानक स्कूल बंद होने के विरोध में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ सपा नेता बद्री यादव और विधायक रविदास मेहरोत्रा भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इसे बच्चियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि स्कूल जिस जमीन पर संचालित हो रहा वह शिक्षा के उद्देश्य से दान में दी गई थी। विद्यालय प्रबंधक संतोष रस्तोगी के अनुसार भूमिदाता की मृत्यु के बाद कुछ लोगों ने कथित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर संपत्ति पर दावा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट से विद्यालय बंद कराने का आदेश प्राप्त किया गया और 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल पर ताला लगा दिया गया।

CM Yogi Orders Reopening of School for Students (1)

प्रबंधन का कहना है कि उन्हें न तो कोई वैधानिक नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका रश्मि ने आरोप लगाया कि ताला लगाने के दौरान विद्यालय के महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक अभिलेखों को बोरे में भरकर रख दिया गया। बारिश के कारण कई रिकॉर्ड भीग गए जबकि अलमारियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।

इस पूरे घटनाक्रम से छात्राओं और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। छात्राओं ने मुख्यमंत्री से उनकी पढ़ाई बचाने की अपील की,शः अभिभावकों ने सवाल उठाया कि यदि विद्यालय बंद किया गया था तो बच्चों की शिक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि यह विद्यालय देश की आजादी से पहले से संचालित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं और दबंगों ने जबरन स्कूल का बोर्ड हटाकर ताला लगा दिया। हालांकि अब प्रशासन की कार्रवाई से विद्यालय के दरवाजे दोबारा खुलने वाले हैं लेकिन जमीन और स्वामित्व को लेकर विवाद अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। फिलहाल छात्राओं और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।

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