
बाराबंकी, 15 जुलाई 2026:
बाराबंकी के लोनीकटरा थाना क्षेत्र में दर्ज एक क्रॉस FIR को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट के मामले में बिना पूरी जांच किए एक महिला और तीन नाबालिग लड़कियों को आरोपी बना दिया। उनका कहना है कि मुकदमे में 8 साल की बच्ची का नाम शामिल होने से महिला गहरे सदमे में चली गईं और बाद में हार्ट अटैक आने पर उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार रोककर पुलिस के खिलाफ विरोध भी जताया।
गलियारे के रास्ते को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, 10 जुलाई को लोनीकटरा थाना क्षेत्र के खैरा वीरू गांव में गलियारे से आने-जाने के रास्ते को लेकर नीरज और उसकी चाची मालती के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। पहले एक पक्ष की शिकायत पर नीरज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में दूसरे पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की, जिसमें सियारानी समेत तीन नाबालिग लड़कियों के नाम भी शामिल किए गए।
मासूम बच्ची का नाम जोड़ने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच किए बिना 8 साल की बच्ची को भी आरोपी बना दिया, जबकि उसका घटना से कोई लेना-देना नहीं था। उनका कहना है कि अगर सही तरीके से जांच होती तो बच्ची का नाम मुकदमे में नहीं आता।
सदमे के बाद आया हार्ट अटैक
परिवार के मुताबिक, मुकदमे में अपना और परिवार की बच्चियों का नाम आने के बाद सियारानी काफी परेशान रहने लगी थीं। इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के लारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को उनकी मौत हो गई। सियारानी पहले क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रह चुकी थीं।
अंतिम संस्कार रोककर किया विरोध
महिला की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर फर्जी तरीके से मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
पुलिस बोली, होगी जांच
लोनीकटरा थाना प्रभारी अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई है। उन्होंने कहा कि 8 वर्षीय बच्ची का नाम किन आधारों पर मुकदमे में शामिल किया गया, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






