Health Issue: कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले चिंताजनक, डिप्टी CM बोले- अब बचाव पर भी हो फोकस
मोटापा, जंक फूड, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव बढ़ा रहे बीमारियों का खतरा, अस्पतालों में मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने की तैयारी, ब्रजेश पाठक ने की व्यापक जनअभियान की पैरवी

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026:
कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक समेत गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता अब सेहत के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ऐसे में केवल बीमारी होने के बाद इलाज करना पर्याप्त नहीं है।
लोगों को बीमार पड़ने से बचाना भी स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने इसी दिशा में खानपान की आदतों में सुधार, नियमित व्यायाम और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक ने कहा कि जीवनशैली में तेजी से बदलाव के कारण उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियां अब युवाओं में भी दिखाई देने लगी हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और इससे निपटने के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान को लेकर गंभीर होना होगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मन और शरीर के बिना देश और प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान देना संभव नहीं है। जनस्वास्थ्य में सुधार के लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
मोटापा बढ़ा रहा खतरा, खानपान पर रखें नियंत्रण
डिप्टी सीएम ने मोटापे को बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि लोगों को अपने भोजन की मात्रा और शरीर की कैलोरी संबंधी जरूरतों के प्रति जागरूक होना चाहिए। कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स के अत्यधिक सेवन से बचने के साथ स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिट रहने के लिए जिम जाना या कठिन व्यायाम करना अनिवार्य नहीं है। तेज कदमों से पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना और घर के सामान्य काम करना भी शरीर को सक्रिय रखने में मददगार हैं। हर उम्र के लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
अस्पतालों में इलाज के साथ बचाव की भी मिले जानकारी
ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य सेवाओं में बीमारी की रोकथाम को अधिक महत्व देने की जरूरत बताई। उन्होंने सुझाव दिया कि अस्पतालों में ऐसे कर्मियों की तैनाती पर विचार किया जा सकता है, जो मरीजों और उनके परिजनों को स्वस्थ जीवनशैली तथा बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दें। समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और सोशल मीडिया के जरिए भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार के साथ सुझाव साझा करने की अपील की। भरोसा दिलाया कि जनस्वास्थ्य में सुधार के लिए नीतिगत बदलावों से जुड़े सुझावों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
डेंगू-मलेरिया पर नियंत्रण के लिए जनता भी आए आगे
डिप्टी सीएम ने इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी संचारी बीमारियों की रोकथाम में जनभागीदारी को अहम बताया। उन्होंने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर का पानी नियमित रूप से बदलने, बेकार टायरों में पानी इकट्ठा न होने देने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद समेत कई लोग मौजूद रहे।






