Prayagraj News : रिश्वत में गाय-भैंस, जर्मन शेफर्ड और 35 हजार की मांग, STF के दरोगा पर यहां हुई FIR, जानें पूरा मामला
शराब तस्करी के मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायतकर्ता का दावा दो गाय भेजने के बाद भी नहीं रुकी मांग, ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट की जांच के बाद हरियाणा के हिसार में दर्ज हुआ मुकदमा

प्रयागराज, 12 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में तैनात स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह पर शराब तस्करी के मुकदमे से नाम हटाने के बदले दो गाय, एक भैंस, जर्मन शेफर्ड कुत्ता और 35 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। हरियाणा के हिसार में रहने वाले मनवीर सिंह उर्फ मन्नू की शिकायत पर जांच के बाद दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दो गाय भेजने के बाद भी नहीं थमी मांग
हिसार जिले के ब्यानाखेड़ा गांव निवासी मनवीर सिंह ने आरोप लगाया कि दरोगा ने एक फरवरी 2026 को फोन कर उससे दो गाय भेजने को कहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने तीन फरवरी को दोनों गाय भेज भी दीं। इसके बावजूद नौ फरवरी को दोबारा फोन आया। इस बार उससे एक गाय, एक भैंस और जर्मन शेफर्ड कुत्ता देने को कहा गया। इसके अलावा कुर्सी-मेज खरीदने के नाम पर 35 हजार रुपये की मांग भी की गई। मनवीर ने इस मामले की शिकायत 17 फरवरी 2026 को हिसार मंडल के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में की थी।
ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट की हुई जांच
मनवीर ने अपनी शिकायत के साथ कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट भी एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपे थे। एसीबी ने शिकायत की जांच की। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को जांच रिपोर्ट हरियाणा के डीजी को भेजी गई। मामले में 14 अगस्त को एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मिली। इसके बाद छह अक्टूबर को हिसार में दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
2023 में दर्ज हुआ था शराब तस्करी का केस
यह मामला प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दो सितंबर 2023 को दर्ज शराब तस्करी के मुकदमे से जुड़ा है। आरोप था कि हरियाणा से अंग्रेजी शराब की अवैध खेप बिहार ले जाई जा रही थी। जांच के दौरान मनवीर सिंह का नाम भी सामने आया था। मुकदमे में वांछित होने के चलते मनवीर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, कुछ समय बाद उसे जमानत मिल गई।

एफआईआर के बाद विभागीय कार्रवाई की संभावना
हरियाणा में एफआईआर दर्ज होने के बाद दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, दरोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। अधिकारियों को भी इसकी जानकारी साझा नहीं की गई थी। अब रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच के साथ दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।






