Lucknow News : तबादले की राह देख रहे दिव्यांग शिक्षक सड़क पर उतरे, विधानसभा कूच, पुलिस ने घेरा
हाथ-पैर में बेड़ियां पहन व तिरंगा झण्डा लेकर धरने में पहुंचे महासचिव, बसों में भरकर ईको गार्डेन भेजे गए, आमरण अनशन की चेतावनी, बोले- आश्वासन के बावजूद शासनादेश लागू नहीं, अब आर-पार की लड़ाई

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को दिव्यांगजनों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग व असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों और दिव्यांग दंपतियों की अंतर्जनपदीय स्थानांतरण सूची जारी करने की मांग को लेकर दिव्यांग महागठबंधन ने हजरतगंज में प्रदर्शन किया। विधानसभा की ओर रैली निकालकर जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जीपीओ के सामने रोक दिया। इसके बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डेन ले गई। इससे पहले महागठबंधन ने गांधी प्रतिमा के पास धरना देने के साथ आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया।
महागठबंधन का आरोप है कि शासनादेश जारी होने के बावजूद स्थानांतरण सूची लंबे समय से लंबित है। संगठन के मुताबिक शासन ने चार जून को बेसिक शिक्षा विभाग के दिव्यांग, असाध्य रोग से पीड़ित और दिव्यांग दंपति शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के संबंध में शासनादेश जारी किया था। इसके तहत 30 जून तक सूची जारी होनी थी लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी शिक्षकों को इसका इंतजार है।
‘आश्वासन बहुत मिले, सूची आज तक जारी नहीं’
हाथ-पैर में बेड़ियां पहन व तिरंगा झण्डा लेकर धरने में पहुंचे महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि संगठन ने 11 अक्टूबर तक स्थानांतरण सूची जारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उनके मुताबिक बेसिक शिक्षा मंत्री, बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से भी आश्वासन मिले लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि स्थानांतरण में देरी से दिव्यांग शिक्षकों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षकों और दिव्यांग दंपतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण कुछ लोगों की मृत्यु तक हो रही है। संगठन ने सरकार से लंबित सूची तत्काल जारी करने की मांग की।
‘न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन’
महागठबंधन के अध्यक्ष मनीष प्रसाद ने कहा कि दिव्यांग बेसिक शिक्षकों को न्याय मिलने के बाद ही आमरण अनशन समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन गांधीवादी तरीके से अपनी मांग उठा रहा है और सरकार को दिव्यांगजनों की आवाज सुननी चाहिए। वहीं, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहता है। शासनादेश का अनुपालन चाहता है।
जिलाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने भी कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा। प्रदर्शन में महागठबंधन के पदाधिकारियों के साथ
मुकेश भारती, कालका प्रसाद साक्षी, दुर्वेश कुशवाहा, धर्मवीर शर्मा, अरुण कुमार, राहुल कुमार, अल्पना कुमारी, बेसिक शिक्षक मनोज कुमार, अर्निका सचान, बलवीर सिंह, लाखन सिंह आदि शामिल हुए।






