लखनऊ, 20 जनवरी 2026:
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर गोंडा व गोंडा कचहरी स्टेशन के बीच बड़े पैमाने पर प्री-नॉन इंटरलाकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। यह कार्य 18 फरवरी से 8 मार्च तक चलेगा। इसका सीधा असर ट्रेनों के संचालन पर पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों को निरस्त, कई के मार्ग परिवर्तित और कुछ को देरी से चलाने का फैसला किया है।
रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह के अनुसार इस अवधि में कुल 18 ट्रेनें अलग-अलग तिथियों में निरस्त रहेंगी। इनमें प्रमुख रूप से बांद्रा-गोरखपुर, गोरखपुर-बांद्रा, ग्वालियर-बलरामपुर, बलरामपुर-ग्वालियर, छपरा-आनंद विहार, आनंद विहार-छपरा, गोरखपुर-मुंबई, मुंबई-गोरखपुर, पुणे-गोरखपुर और गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अलावा गोरखपुर-गोमतीनगर, गोमतीनगर-गोरखपुर, ऐशबाग-गोरखपुर, गोरखपुर-ऐशबाग, छपरा-गोमतीनगर, गोमतीनगर-छपरा तथा गोरखपुर-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस भी निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि करीब 40 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएंगी। इस क्रम में दरभंगा-नई दिल्ली बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, मथुरा-छपरा एक्सप्रेस, दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल, नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल और छपरा-मथुरा एक्सप्रेस को लखनऊ के बजाय कानपुर-प्रयागराज मार्ग से संचालित किया जाएगा। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है।
इसके साथ ही कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चलेंगी। इनमें हावड़ा-काठगोदाम, मुजफ्फरपुर-आनंद विहार, बरौनी-बांद्रा, नई दिल्ली-दरभंगा, ग्वालियर-बरौनी, गोरखपुर-बठिंडा, गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट, गोरखपुर-आनंद विहार और गोरखपुर-अमृतसर एक्सप्रेस शामिल हैं। ये अपने प्रारंभिक स्टेशनों से 120 से 240 मिनट तक विलंब से रवाना होंगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करें। यह कार्य भविष्य में रेल संचालन को और सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है।






