Uttarakhand

2026 चारधाम यात्रा में बदलेगा सिस्टम… हेलीकॉप्टर सेवाओं पर सख्त नियम, जानिए क्या हैं नई गाइडलाइन

इस साल चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं में सख्त बदलाव किए गए हैं, उड़ानों में कटौती और निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि किराए जस के तस रहेंगे

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 20 जनवरी 2026:

उत्तराखंड में 2026 की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। खास तौर पर हेलीकॉप्टर सेवाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं, ताकि यात्रियों को बुकिंग को लेकर परेशानी न हो और यात्रा सुरक्षित तरीके से संचालित की जा सके।

2025 के हादसों से लिया गया सबक

ये भी पढ़ें:

पिछले वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान पांच हेलीकॉप्टर हादसे सामने आए थे, जिनमें कई लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने हेलीकॉप्टर सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया था। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Chardham-of-Uttarakhand
Chardham-of-Uttarakhand

डीजीसीए के निर्देशों का पूरा पालन

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने डीजीसीए द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन किया है। यूसीएडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आईएएस आशीष चौहान ने बताया कि डीजीसीए ने तैयारियों पर संतोष जताया है। जल्द ही 2026 की चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की निविदाएं आवंटित की जाएंगी और सेवाएं सुचारू रूप से शुरू की जाएंगी।

निगरानी और नियंत्रण की नई व्यवस्था

सुरक्षा को मजबूत करने के लिए देहरादून के सहस्रधारा और सिरसी हेलीपैड पर वायु यातायात नियंत्रण इकाई और मौसम विज्ञान इकाई स्थापित की गई है। वहीं लिनचोली, भीमबली और गौरीकुंड में जमीनी निगरानी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सहस्रधारा से केदारनाथ मार्ग पर 30 से अधिक पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।

उड़ानों में कटौती, किराया रहेगा वही

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए ने केदार घाटी और सहस्रधारा से संचालित चार्टर उड़ानों में कमी के निर्देश दिए हैं। सहस्रधारा से प्रतिदिन होने वाली उड़ानों की संख्या 65 से घटाकर 40 कर दी गई है। केदार घाटी में शटल सेवाओं में भी 30 प्रतिशत की कटौती होगी। हालांकि यूसीएडीए ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों के बावजूद यात्रियों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।

chardham-yatra-guide

सड़क मार्ग और रोपवे पर जोर

हेलीकॉप्टर सेवाओं में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी के चलते सड़क मार्गों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने बताया कि केदारनाथ के लिए दोहरी लेन सड़क का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। सोनप्रयाग और सीतापुर के पास वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही अगले 3 से 4 वर्षों में केदारनाथ रोपवे शुरू होने से हेलीकॉप्टर सेवाओं पर निर्भरता कम हो जाएगी।

ये भी पढ़ें  यूपी की राजनीति में हलचल: मनोज श्रीवास्तव और प्रवीण तोगड़िया की मुलाकात ने बनीं चर्चा का विषय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button