
राजकिशोर तिवारी
देहरादून,23 जून 2026ः
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला इस समय देश भर में गरमाया हुआ है। इसको लेकर विपक्ष भी लगातार भाजपा, आरएसएस, केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार पर हमला कर रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राजीव भवन में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रभु श्रीराम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग अब आस्था के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेते रहे हैं, इसलिए मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी भी उनसे अलग नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर सत्ता हासिल की और अब उसी आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। कहा कि सनातन धर्म को किसी बाहरी ताकत से नहीं, बल्कि भाजपा व आरएसएस की कथित राजनीति और उनके संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार से खतरा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच का उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय प्रभावशाली लोगों को बचाना प्रतीत होता है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग स्वयं चढ़ावे में अनियमितताओं के मुद्दे उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भूमि खरीद और निर्माण कार्यों में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, लेकिन उन मामलों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े एक इंजीनियर ने कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि सवाल उठाने वालों को ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी वर्तमान उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
उन्होंने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने, कथित दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज करने, ट्रस्ट के बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की भी मांग की। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, मनोज सैनी और देवेंद्र सिंह मौजूद रहे।






