
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 5 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को बाहर से अनुदान के रूप में मिलने वाली आर्थिक सहायक प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए और धीमी गति से चल रही परियोजनाओं की नियमित निगरानी कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि पूरी हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट संबंधित फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग (डीईए), वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार के संबंधित विभागों को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, उनमें अतिरिक्त मैन पावर और मशीनरी लगाकर कार्यों में तेजी लाई जाए। ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने मसूरी और नैनीताल में अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट को गति देने के लिए समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) स्थापित करने और उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य सचिव ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी बल दिया। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और आईटीआई में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ईएपी वित्तपोषित नई परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने नदी पुनर्जीवन (रिवर रेज्युविनेशन), पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना आदि मौजूद रहे।






