राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 19 जून 2026ः
उत्तराखंड में सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) से संबद्ध दून स्कूल कर्मचारी पंचायत ने दिल्ली पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर ठेका प्रथा लागू करने के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट को डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
सीटू के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को सरकार और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने आरोप लगाया कि डीपीएस प्रबंधन श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। कार्यों के लिए नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रावधान है, लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा स्थायी चालकों सहित अन्य कर्मचारियों को ठेका व्यवस्था के तहत लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को मिलने वाली सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होगी और उनके अधिकारों का हनन होगा। सीटू ने श्रम विभाग व जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि यदि कर्मचारियों का उत्पीड़न जारी रहा तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन में सीटू के जिला सचिव अभिषेक भंडारी, कोषाध्यक्ष रवींद्र नौटियाल, यूनियन अध्यक्ष मुकेश सिंह, महामंत्री देवराज केसी, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
रेहड़ी-पटरी वर्कर्स यूनियन ने भी अपने उत्पीड़न के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और रोजगार देने की मांग उठाई। संगठन के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त को भी ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की। वहीं, निर्माणाधीन लखवाड़-व्यासी जलविद्युत परियोजना से जुड़े संविदा श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। संघ के अध्यक्ष प्रदीप चौहान और अन्य पदाधिकारियों ने एलएंडटी कंपनी पर श्रमिकों के शोषण का आरोप लगाते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।






