न्यूज डेस्क, 18 अप्रैल 2026:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान में टकराव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान के पास मौजूद ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम हासिल करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक दोनों देशों के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हुआ तो मौजूदा सीजफायर खत्म हो सकता है। सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान पर लागू नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई शांति समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर बमबारी दोबारा शुरू की जा सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत ठहराव का शिकार दिख रही है। पाकिस्तान में हाल ही में हुई वार्ता से भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। हालांकि बैकचैनल संवाद से कुछ उम्मीदें जरूर जगी थीं।

उधर, ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका अपनी नाकेबंदी जारी रखता है तो रणनीतिक रूप से अहम हार्मुज स्ट्रेट खुला नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की अनुमति लेनी होगी। आवाजाही तय नियमों के तहत ही संभव होगी।
हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फिलहाल स्थिति सामान्य बताते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है लेकिन अमेरिकी दबाव जारी रहा तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने ट्रंप के कई दावों को खारिज भी किया।
दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद के मुद्दे अभी भी जस के तस हैं। जैसे ईरान पर लगे प्रतिबंध हटेंगे या नहीं, परमाणु कार्यक्रम पर कितनी रोक लगेगी और समुद्री सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी साफ किया है कि नाकेबंदी राष्ट्रपति के आदेश तक जारी रहेगी।
उधर, इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर लागू होने के बाद लेबनान में हालात सामान्य होने लगे हैं। हजारों लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। हालांकि, पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इस पर सभी की नजरें टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे?






