डॉ. लोहिया के विचारों से गूंजा लखनऊ विश्वविद्यालय, छात्रों ने सामाजिक न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
पुण्यतिथि पर छात्रनेताओं ने दी समाजवादी चिंतक को श्रद्धांजलि, समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष का संदेश

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026:
समाजवादी चिंतक एवं प्रखर विचारक डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान छात्रनेताओं और छात्रों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उनके विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। सभा में डॉ. लोहिया के विचारों की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया।
सभा में छात्रनेता आदित्य पाण्डेय ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक रहा है। उन्होंने समाज में व्याप्त असमानताओं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई तथा एक ऐसे समाज की परिकल्पना की, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर मिल सकें।
आदित्य पाण्डेय ने कहा कि डॉ. लोहिया के विचार आज भी युवाओं और छात्रों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने तथा सामाजिक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देते हैं। उनके अनुसार किसी भी विचारक को सच्ची श्रद्धांजलि केवल स्मरण करने से नहीं अपितु उनके सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने से मिलती है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. लोहिया के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा समान अवसरों की स्थापना के लिए आगे आएं। कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने भी डॉ. लोहिया के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रसन्न, मिट्ठू, अक्षत पाण्डेय, ठाकुर यश सिंह, विशाल, जयवीर सहित अन्य छात्र मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से छात्रों ने सामाजिक समानता और जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।






