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UP में स्टार्टअप की नई उड़ान : युवाओं के आइडिया को कारोबार में बदलेगी सरकार, एक क्लिक पर मिलेगी मदद

स्टार्टअप नीति-2026 के छह स्तंभों से नवाचार, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, StartinUP पोर्टल पर पंजीकरण से लेकर प्रोत्साहन राशि के आवेदन तक की सुविधा, समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन भी होगी उपलब्ध

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026:

यूपी में युवाओं के नए आइडिया को कारोबार में बदलने और प्रदेश को स्टार्टअप हब बनाने के लिए योगी सरकार ने स्टार्टअप नीति-2026 लागू की है। नई नीति के तहत अब स्टार्टअप को केवल आर्थिक मदद देने तक सीमित रहने के बजाय उन्हें तकनीकी सुविधाओं, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, उद्योगों से जुड़ाव और बाजार तक पहुंच दिलाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए बुनियादी ढांचे से लेकर वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग तक छह प्रमुख स्तंभ तय किए गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक जैसी उभरती तकनीकों पर फोकस कर नवाचार आधारित उद्यमों को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है।
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नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनेंगे युवा

यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी का लक्ष्य युवाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नए उद्यमियों को अपने विचारों को विकसित करने के लिए जरूरी संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। नीति के जरिए प्रदेश में ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश है, जहां नए उद्यमों को शुरुआती चरण से लेकर बाजार में अपनी पहचान बनाने तक सहयोग मिल सके। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नए कारोबार विकसित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

छह स्तंभों से मजबूत होगा स्टार्टअप इकोसिस्टम

नई नीति में बुनियादी ढांचे का विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम का प्रचार-प्रसार और संस्थागत सहयोग को प्रमुखता दी गई है। इसके तहत स्टार्टअप के लिए भौतिक और डिजिटल सुविधाएं बेहतर बनाने, सरकारी योजनाओं व निजी निवेशकों के जरिए पूंजी तक पहुंच बढ़ाने तथा प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर रहेगा। उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच साझेदारी विकसित कर नए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर भी बढ़ाए जाएंगे। साथ ही, प्रदेश के स्टार्टअप को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम होगा।

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एक पोर्टल पर पंजीकरण, आवेदन और मार्गदर्शन

नीति के क्रियान्वयन में StartinUP ऑनलाइन पोर्टल अहम भूमिका निभाएगा। इसे स्टार्टअप, निवेशकों, इन्क्यूबेटरों, मेंटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जोड़ने वाले एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां नीतियों, सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहनों, इन्क्यूबेशन सेंटरों और कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध होगी। स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑनलाइन पंजीकरण के साथ प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन और दावे भी जमा कर सकेंगे।

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शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन

पोर्टल पर उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, नियामकीय अनुपालन, बौद्धिक संपदा अधिकार और तकनीक के व्यावसायीकरण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। आवेदन और दावों का मूल्यांकन संबंधित नोडल एजेंसी करेगी। वहीं, प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के जरिए नीति के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी।

केंद्र सरकार के डीपीआईआईटी और स्टार्टअप इंडिया से जुड़े भास्कर व मार्ग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण की भी योजना है। स्टार्टअप से जुड़ी समस्याओं और सवालों के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन तथा सोशल मीडिया आधारित सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है। इससे प्रदेश के नए उद्यमियों को सरकारी व्यवस्था से जुड़ने और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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