वाराणसी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मकान के मलबे में छह लोग दबे, रेस्क्यू जारी
सारनाथ के पैगंबरपुर में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान हुआ विस्फोट, बगल के मकान को भी पहुंचा नुकसान, पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड और NDRF ने संभाला मोर्चा, जांच के लिए ATS की टीम भी पहुंची

वाराणसी, 15 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सारनाथ क्षेत्र के पैगंबरपुर में बृहस्पतिवार शाम अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए तेज धमाके से एक मकान पूरी तरह ढह गया। मकान राजू खान का बताया जा रहा है। विस्फोट की चपेट में आने से बगल के दूसरे मकान का बाहरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे में छह लोगों के दबे होने की सूचना है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। हादसे के बाद से राजू खान की मां की तलाश की जा रही है।
धमाके से आसपास के मकानों में भी नुकसान
विस्फोट इतना तेज था कि राजू खान के मकान के साथ लगे दूसरे घर का बाहरी हिस्सा भी ढह गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। मकानों में रहने वाले लोग दहशत में बाहर निकल आए। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मकान में पटाखे मौजूद होने के चलते दोबारा विस्फोट की आशंका बनी हुई थी, ऐसे में बचाव दल सावधानी के साथ मलबा हटाने में जुटे रहे।
ATS ने शुरू की जांच, पटाखा निर्माण की आशंका
घटना की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) भी मौके पर पहुंचा। शुरुआती जानकारी में मकान के भीतर पटाखे बनाने का काम होने की बात सामने आई है। इसी दौरान अचानक धमाका हुआ, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हालांकि, विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और दूसरी एजेंसियां पटाखा निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के साथ सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल कर रही हैं।

करीब 25 साल से पैगंबरपुर में रह रहा था राजू खान
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, राजू खान करीब 25 वर्षों से पैगंबरपुर में रह रहा था। उसके मकान के पीछे बड़े भाई सलीम का घर है। बताया गया कि दोनों भाई पटाखों के कारोबार से जुड़े थे। हादसे के बाद एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की तलाश के साथ मकानों को हुए नुकसान और घायलों की स्थिति का आकलन कर रही हैं।






