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यूपी में आसमान पर रहेगी बाज की नजर, मौसम का मिजाज बिगड़ने से पहले मिलेगा अलर्ट, पांच शहरों में लग रहे डॉप्लर रडार

लखनऊ, आजमगढ़, वाराणसी, झांसी व अलीगढ़ से होगी मौसम की निगरानी, दो शहरों में रडार स्थापित, आंधी-तूफान व भारी बारिश की पहले से मिलेगी जानकारी, किसानों को मिलेगा फायदा

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:

यूपी में मौसम की मार से जान-माल का नुकसान कम करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। प्रदेश में पांच Doppler Weather Radar लगाए जा रहे हैं, जिनमें आजमगढ़ व वाराणसी में दो रडार स्थापित हो चुके हैं। बाकी तीन शहरों में इन्हें लगाने की प्रक्रिया जारी है। इनकी मदद से मौसम में होने वाले बदलावों पर नजर रखने के साथ तेज बारिश, आंधी-तूफान जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी।

पांच शहरों में तैयार हो रहा मौसम निगरानी नेटवर्क

राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर के मुताबिक, प्रदेश में मौसम की निगरानी मजबूत करने के लिए आजमगढ़, लखनऊ, झांसी, अलीगढ़ व वाराणसी को चुना गया है। आजमगढ़ व वाराणसी में रडार स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लखनऊ, झांसी व अलीगढ़ में स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इनसे मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर मौसम की स्थिति का आकलन करने के साथ गंभीर मौसमी घटनाओं की जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। प्रत्येक रडार की क्षमता करीब 250 से 500 किलोमीटर तक के दायरे में मौसम पर नजर रखने की है।

किसानों को फसल बचाने की तैयारी का मिलेगा समय

डॉप्लर रडार से मिलने वाली जानकारी प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी उपयोगी होगी। मौसम बिगड़ने की आशंका पहले पता चलने पर संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाने, जरूरी इंतजाम करने व जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए समय मिल सकेगा। किसानों को भी बारिश, आंधी व खराब मौसम के प्रति अलर्ट करने में मदद मिलेगी। इससे फसलों, पशुओं व कृषि कार्यों को होने वाले नुकसान से बचाव की तैयारी की जा सकेगी।

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रडार स्थापना पर 22.45 करोड़ रुपये का खर्च

प्रदेश के पांच शहरों में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने पर करीब 19.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा रडार साइटों पर सिविल कार्यों के लिए 2.95 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस तरह पूरी परियोजना पर कुल 22.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद मौसम संबंधी घटनाओं की बेहतर निगरानी करना, पूर्वानुमान की क्षमता बढ़ाना व आपदा से होने वाले नुकसान को कम करना है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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