Uttarakhand News : डॉ. बिसेन ने संभाली राज्यपाल की कमान, गिनाईं उपलब्धियां
लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह, उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ, कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद, मुख्य सचिव ने पढ़ा नियुक्ति अधिपत्र

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 19 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड को सोमवार को नया राज्यपाल मिल गया। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने लोक भवन में राज्यपाल पद की शपथ ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर जनकल्याण की योजनाओं को गति देना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही राज्यपाल ने देवभूमि की सेवा, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। समारोह से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति अधिपत्र पढ़कर सुनाया। समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश के कई प्रमुख राजनीतिक लोग मौजूद रहे।

‘देवभूमि की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य’
मीडिया से बातचीत में राज्यपाल डॉ. बिसेन ने उत्तराखंड देवभूमि की सेवा का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का केंद्र है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे चारधामों के साथ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम इस भूमि की आध्यात्मिक पहचान हैं। अपने अद्वितीय पर्यटन स्थलों के कारण भी उत्तराखंड विश्वभर में विशिष्ट स्थान रखता है।
पीएम मोदी के विजन को साकार करने पर दिया जोर
राज्यपाल ने पीएम मोदी के उस विजन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश के विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाना और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि यहां के अनेक परिवारों के सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में सेवाएं देते हैं। प्रदेश की सशक्त मातृशक्ति, कर्मठ युवा, किसान और मेहनतकश समाज राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन्हीं क्षमताओं के बल पर उत्तराखंड विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
संवैधानिक मर्यादा के साथ जनकल्याण पर रहेगा फोकस
राज्यपाल ने कहा कि पद की गरिमा बनाए रखना और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारियों में शामिल है। साथ ही राज्य सरकार और जनता के सहयोग से जनहित की योजनाओं को प्रभावी गति देना उनका लक्ष्य रहेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, कृषि एवं पर्यटन को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार के अवसर बढ़ाने और योजनाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ शपथ ग्रहण कार्यक्रम
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत और विजय बहुगुणा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।






