Uttarakhand

धामी सरकार का बड़ा फैसला : मदरसों में जुमे की छुट्टी खत्म, अब इस दिन होगा अवकाश

मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को शिक्षा विभाग व अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नियमों का करना होगा पालन, मदरसों को नियमित स्कूली शिक्षा की व्यवस्था से जोड़ना मुख्य उद्देश्य, 76 को स्कूल के रूप में मिली मान्यता

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 21 अक्तूबर 2026ः

धामी सरकार ने मान्यता प्राप्त मदरसों में जुमे के दिन होने वाले साप्ताहिक अवकाश को खत्म कर दिया है। इसके बदले अब रविवार को छुट्टी रहेगी। राज्य सरकार का कहना है कि स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। इसके तहत पाठ्यक्रम, शैक्षणिक व्यवस्था और साप्ताहिक अवकाश से जुड़े प्रावधान भी लागू होंगे।

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार जिन पंजीकृत मदरसों को स्कूल के रूप में मान्यता दी गई है, उन्हें सामान्य विद्यालयों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करना होगा। इसी व्यवस्था के तहत रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य इन संस्थानों को नियमित स्कूली शिक्षा की व्यवस्था से जोड़ना और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

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मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्था

राज्य सरकार ने मदरसा बोर्ड की पुरानी व्यवस्था के स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्था लागू की है। इसके दायरे में मुस्लिम समुदाय के साथ सिख, पारसी, जैन और बौद्ध समुदायों के शिक्षण संस्थानों को भी शामिल किया गया है। सरकार की ओर से इन संस्थानों में निर्धारित राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और नियमित स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पहले उत्तराखंड मदरसा बोर्ड से 452 संस्थान मान्यता प्राप्त थे। नई व्यवस्था के तहत दोबारा आवेदन करने वाले संस्थानों में से अब तक 76 को स्कूल के रूप में मान्यता दी जा चुकी है, जबकि 114 आवेदन शिक्षा विभाग के पास लंबित हैं। ऐसे में शेष संस्थानों की मान्यता और संचालन को लेकर प्रक्रिया जारी है।

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चार जिलों में 76 संस्थानों को मिली मान्यता

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार प्रदेश के चार जिलों में अब तक 76 संस्थानों को स्कूल के रूप में मान्यता मिली है। इनमें देहरादून के 41 संस्थानों में से 6 को, हरिद्वार के 270 संस्थानों में से 44 को, नैनीताल के 18 संस्थानों में से 2 को और ऊधम सिंह नगर के 119 संस्थानों में से 24 को मान्यता मिली है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिक्षा विभाग और संबंधित प्राधिकरण की अनुमति के बिना संस्थानों का संचालन नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। मान्यता संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले संस्थानों को लेकर भी विभागीय स्तर पर निगरानी की जा रही है।

पहले चरण में 250 अवैध मदरसे किए गए सील

अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के मुताबिक सरकार ने कार्रवाई के पहले चरण में 250 अवैध मदरसों को सील किया था। उनके अनुसार ये ऐसे संस्थान थे, जो मदरसा बोर्ड में भी पंजीकृत नहीं थे। इन संस्थानों में दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर पढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। सरकार का कहना है कि शिक्षण संस्थानों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप कराना और बच्चों को नियमित पाठ्यक्रम से जोड़ना इस पूरी प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए मान्यता, पंजीकरण और शैक्षणिक नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है।
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सीएम धामी ने समान नियम लागू करने की बात कही

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समान नियमों की व्यवस्था लागू कर रही है। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। शुक्रवार के बजाय रविवार को अवकाश के सवाल पर सरकार का तर्क है कि शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त होने के बाद संबंधित संस्थानों पर अन्य स्कूलों की तरह नियम लागू होंगे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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