
न्यूज डेस्क, 22 अक्टूबर 2026:
FSSAI Notice : बच्चों की लंबाई बढ़ाने, दिमागी विकास में मदद करने, पाचन बेहतर बनाने के दावों को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई बड़ी कंपनियों से जवाब मांगा है। इनमें नेस्ले इंडिया, एबॉट हेल्थकेयर, न्यूट्रीशिया इंटरनेशनल, मीड जॉनसन न्यूट्रिशन इंडिया सहित जायडस वेलनेस प्रॉडक्ट्स शामिल हैं। नियामक ने कंपनियों को नोटिस जारी कर विज्ञापनों में किए जा रहे दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण पेश करने को कहा है।
कॉम्प्लान के 2X ग्रोथ दावे पर सवाल
बच्चों के लोकप्रिय हेल्थ ड्रिंक कॉम्प्लान के पैकेजिंग व ऑनलाइन विज्ञापनों में किए जा रहे दावों पर FSSAI ने जायडस वेलनेस प्रॉडक्ट्स लिमिटेड से जवाब मांगा है। कंपनी से ‘2X Faster Growth’ यानी दोगुनी तेजी से ग्रोथ, एकाग्रता व याददाश्त में मददगार होने के दावे का वैज्ञानिक आधार बताने को कहा गया है।
उत्पाद के प्रचार में ‘Pro Immunity + 34 Vital Nutrients’ यानी इम्युनिटी को सपोर्ट करने वाले 34 जरूरी पोषक तत्वों का दावा भी शामिल है। नियामक ने इन दावों के साथ पैकेजिंग पर बच्चों की तस्वीरों व ‘4 फ्लेवर में आती है ग्रोथ’ जैसे प्रचार संदेशों पर भी सवाल उठाए हैं। FSSAI के मुताबिक, ये दावे खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) नियम, 2018 के अनुरूप हैं या नहीं, इस पर कंपनी को अपना पक्ष रखना होगा।
नेस्ले के दो उत्पादों पर भी मांगे वैज्ञानिक प्रमाण
FSSAI ने नेस्ले इंडिया से उसके शिशु आहार उत्पाद लैक्टोजन प्रो 1 में मौजूद व्हे प्रोटीन के आसानी से पचने के दावे का आधार मांगा है। कंपनी को इस दावे के समर्थन में वैज्ञानिक साक्ष्य देने होंगे। नेस्ले के नैन एक्सेल प्रो स्टेज 1 के उस दावे पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि पांच एचएमओ सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सहारा देते हैं। नियामक ने इन दावों की प्रमाणिकता स्पष्ट करने को कहा है। खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों में स्वास्थ्य संबंधी ऐसे दावों को लेकर नियमों का पालन जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद के फायदे के बारे में भ्रामक जानकारी न मिले।
शिशु आहार के सोशल मीडिया प्रचार पर भी कार्रवाई
FSSAI ने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर इरा फातिमा सहित संबंधित कंपनियों को भी नोटिस जारी किए हैं। मामला एक इंस्टाग्राम रील से जुड़ा है, जिसमें नैन प्रो 1, एप्टामिल प्रीमियम 1, सिमिलैक एडवांस 1, एनफामिल ए+ स्टेज 1 व डेक्सोलैक 1 को ‘टॉप 5’ शिशु आहार उत्पादों के तौर पर पेश किया गया था। रील में इन उत्पादों के इम्युनिटी, मस्तिष्क विकास व पाचन से जुड़े फायदे बताए गए थे। FSSAI के अनुसार, इस तरह का प्रचार इन्फेंट मिल्क सब्स्टीट्यूट्स एक्ट, 1992 व इससे जुड़े 2020 के नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इन प्रावधानों के तहत शिशु आहार के प्रचार व विपणन पर कई तरह की पाबंदियां हैं।
FSSAI has issued notices to Food Business Operators (FBOs) regarding misleading claims and non-compliant promotions involving products like Complan, Lactogen Pro 1 Powder, Nan Excella Pro Stage 1 and infant milk substitutes. #FSSAINotice #FSSAIAction https://t.co/gALgapW5xn
— FSSAI (@fssaiindia) October 21, 2026
कंपनियों को जवाब देने का मौका
नियामक ने नेस्ले इंडिया, एबॉट हेल्थकेयर, न्यूट्रीशिया इंटरनेशनल, मीड जॉनसन न्यूट्रिशन इंडिया व जायडस वेलनेस समेत संबंधित पक्षों से तय समय सीमा में जवाब मांगा है। कंपनियों को अपने विज्ञापनों में किए गए दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण देने होंगे। FSSAI ने साफ किया है कि कारण बताओ नोटिस जारी करना अपने आप में किसी कंपनी को दोषी ठहराना या अंतिम कानूनी फैसला सुनाना नहीं है। संबंधित पक्षों के जवाब व उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।






