Lucknow CityUttar Pradesh

‘CID’ की रील लाइफ अब UP में रियल लाइफ! योगी बोले- एक फिंगरप्रिंट और एक बाल से क्रिमिनल तक पहुंचेगी पुलिस

लखनऊ में ‘टेक संगम 2026’ के मंच से मुख्यमंत्री का संदेश- एआई मददगार लेकिन निर्णायक नहीं, प्रदेश की सभी 18 पुलिस रेंजों में बन रहीं फॉरेंसिक लैब, 12 हुईं तैयार

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026:

प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘टेक संगम 2026’ में शनिवार को पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच अपराधियों के लिए अब तकनीक का सहारा लेकर कानून से बचना आसान नहीं होगा। एक बाल, फिंगरप्रिंट या छोटा-सा वैज्ञानिक सुराग भी बड़े से बड़े अपराध की गुत्थी सुलझा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई जांच में मददगार है लेकिन उसे अंतिम निर्णय लेने की भूमिका नहीं दी जा सकती। तकनीक का संचालन मानव विवेक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही होना चाहिए।

टीवी सीरियल ‘सीआईडी’ का उदाहरण देकर समझाया

मुख्यमंत्री ने लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘सीआईडी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि दर्शकों ने अक्सर देखा होगा कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस बाल, फिंगरप्रिंट या किसी छोटे-से सुराग के जरिए उस तक पहुंच जाती है। अब फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक की मदद से ऐसी जांच वास्तविक जीवन में भी संभव हो रही है। उन्होंने कहा कि डीपफेक और डिजिटल हेरफेर के दौर में वैज्ञानिक साक्ष्य अपराधियों तक पहुंचने का मजबूत आधार बनेंगे।

योगी ने एक माफिया का उदाहरण भी दिया जिसने 1980 में पहला अपराध किया था लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव और डीएनए सैंपल नष्ट होने के कारण उसे 2022 में, यानी 42 साल बाद सजा मिल सकी। उन्होंने कहा कि यह मामला बताता है कि अपराध के तुरंत बाद साक्ष्य जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना कितना जरूरी है। समय पर वैज्ञानिक जांच न होने से न्याय मिलने में वर्षों की देरी हो सकती है।

ये भी पढ़ें:

पुलिस की जमीन पर कब्जे का किस्सा भी सुनाया

मुख्यमंत्री ने लखनऊ में यूपी पुलिस की जमीन पर माफिया के कब्जे का जिक्र करते हुए कहा कि भूमाफिया ने पुलिस के नाम दर्ज जमीन अपने नाम करा ली थी और पुलिस मौन बनी रही। उन्होंने कहा, ‘मैं आपकी जगह होता तो उसे बुलाता, दो किक मारता और जमीन खाली कराता।’ मुख्यमंत्री ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देते हुए कहा कि आज अपराधी एक चौराहे पर अपराध करता है और अगले चौराहे पर ढेर हो जाता है।
yogi-adityanath-techsangam-cid-forensic-investigation (2)

Advertisement

सभी 18 पुलिस रेंजों में फॉरेंसिक लैब

योगी ने बताया कि प्रदेश की सभी 18 पुलिस रेंजों में फॉरेंसिक लैब विकसित की जा रही हैं। इनमें 12 तैयार हो चुकी हैं जबकि छह अंतिम चरण में हैं। इसके अलावा 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं। ये घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और विवेचना को मजबूत बनाने में मदद करेंगी। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने ‘LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ किया, कंसेंट मैनेजमेंट पोर्टल लॉन्च किया और ‘अभेद्य’ परियोजना की आधारशिला रखी।

उन्होंने ‘एआई इन कंस्ट्रक्शन’ पुस्तक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि विज्ञान, तकनीक और विधिक प्रक्रिया का समन्वय अपराध नियंत्रण के साथ न्याय व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बना सकता है। सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्य, क्वांटम तकनीक और न्यायिक व प्रशासनिक कार्यों में एआई के इस्तेमाल पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

ये भी पढ़ें  एक कचौड़ी, दो समोसा... से गरमाई UP की सियासत : सपा दफ्तर के बाहर होर्डिंग में BJP और चुनाव आयोग पर निशाना

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link