Uttarakhand

‘सूर्या’ मूवी पर IMA को एतराज, केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र, कहा- डॉक्टरों की निगेटिव छवि पेश करना गलत

एसोसिएशन के पदाधिकारी मीडिया से हुए रूबरू, कहा- कुछ व्यक्तियों के गलत आचरण के आधार पर पूरे चिकित्सक समुदाय को बदनाम करना सही नहीं, अस्पतालों में तोड़फोड़ व हिंसा जैसी घटनाओं को मिलता है बढ़ावा

राजकिशोर तिवारी

​देहरादून, 24 अक्टूबर 2026ः

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में चिकित्सा पेशे के कथित निगेटिव चित्रण को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार और अनैतिक प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाना सही है, लेकिन कुछ व्यक्तियों के गलत आचरण के आधार पर पूरे चिकित्सक समुदाय को लालची, कमीशनखोर और मरीजों का शोषण करने वाला दिखाना पूरी तरह अनुचित है।

अनियमितताओं की जांचकर दोषियों पर करें कार्रवाई

आईएमए देहरादून के अध्यक्ष महेश कुडियाल ने शनिवार को प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत में कहा कि फिल्म के एक दृश्य में एक पिता को अपनी बेटी के उपचार के दौरान अनावश्यक अतिरिक्त जांच, पांच लाख रुपये का भारी-भरकम बिल और कथित कमीशन जैसी परिस्थितियों का सामना करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सा सेवाओं में ऐसी अनियमितताएं होती हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए पूरे पेशे को कटघरे में खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है।

ये भी पढ़ें:

मरीज व डॉक्टर के बीच बढ़ सकता है अविश्वास

​महेश कुडियाल ने चिंता जताई कि सिनेमा समाज की सोच पर गहरा प्रभाव डालता है। ऐसे संवेदनशील विषयों को पर्दे पर उतारते समय तथ्यों, संतुलन और सामाजिक जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। पूरे चिकित्सक समुदाय की नकारात्मक छवि पेश करने से मरीजों और डॉक्टरों के बीच का पवित्र रिश्ता प्रभावित हो सकता है, जिससे डॉक्टरों के प्रति अविश्वास बढ़ेगा। इसके अलावा अस्पतालों में तोड़फोड़, गाली-गलौज और हिंसा जैसी घटनाओं को भी इससे बढ़ावा मिल सकता है।

Advertisement

​स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विषयों को जिम्मेदारी से करें पेश

​मामले की गंभीरता को देखते हुए आईएमए देहरादून ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की तत्काल निष्पक्ष समीक्षा करने और आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही फिल्म निर्माताओं व कलाकारों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विषयों को जिम्मेदारी और तथ्यात्मक संतुलन के साथ प्रस्तुत करें।

ये भी पढ़ें  टीबी रोगियों को बांटी पोषण किट... राज्यपाल बोले- 'निक्षय मित्र' बनकर बीमारी का खात्मा करें

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link