UP Politics : ‘समाजवादी’ नहीं, ‘AI-वादी’ रख लीजिए पार्टी का नाम! मंत्री राजभर का अखिलेश पर तीखा तंज
2027 चुनाव से पहले छिड़ी जुबानी जंग, सुभासपा प्रमुख ने AI वीडियो और रील बनाने को लेकर सपा मुखिया पर साधा निशाना, बोले- गांव, गरीब और किसान के बीच जाने के बजाय इंटरनेट पर कर रहे मसखरी

लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 की आहट के साथ प्रदेश की सियासत में जुबानी हमले तेज होने लगे हैं। योगी सरकार में मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश की एआई (AI) वीडियो वाली राजनीति पर तंज कसते हुए राजभर ने सपा का नाम बदलकर ‘एआई-वादी’ रखने तक की सलाह दे डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश जमीन पर जनता के बीच जाने के बजाय सोशल मीडिया पर वीडियो और रील के जरिए राजनीति कर रहे हैं।
‘सैफई महोत्सव का शौक AI से पूरा कर रहे अखिलेश’
मंत्री राजभर ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि ऐसा लगता है, जैसे सैफई महोत्सव नहीं मना पाने का मलाल अखिलेश एआई के जरिए पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इतना ही शौक है तो समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर ‘एआई-वादी’ रख लेना चाहिए।
सुभासपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी की स्थापना मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी विचारधारा और दिग्गज नेताओं के सिद्धांतों पर की थी उसे अखिलेश ने एआई वाली ‘नौटंकी’ बनाकर रख दिया है। उन्होंने दावा किया कि सच्चे समाजवादी भी पार्टी की मौजूदा राजनीतिक शैली देखकर निराश हैं।
‘10 साल से सत्ता से बाहर, जनता के बीच क्यों नहीं गए?’
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति मोबाइल स्क्रीन पर नाच-गाने और एआई रील बनाने से नहीं अपितु गांव, गरीब और किसान के बीच जाकर पसीना बहाने से होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर रहने के दौरान अखिलेश ने जनता के बीच सक्रिय रहने के बजाय एसी कमरों और सोशल मीडिया पर समय बिताया।
मित्र, अखिलेश यादव जी,
ऐसा लगता है जैसे सैफ़ई महोत्सव ना मना पाने के मलाल में आप महोत्सव वाला शौक ‘एआई’ से पूरा कर रहे हैं।
इतना ही शौक है तो क्यों नहीं अपनी पार्टी का नाम ‘समाजवादी’ से बदलकर ‘एआई-वादी’ रख लीजिए।
जिस दल की स्थापना आपके पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने स्वर्गीय जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेन्द्र देव, कर्पूरी ठाकुर, चौधरी चरण सिंह और जनेश्वर मिश्रा जी के सिद्धांतों पर की थी, उसे आपने एआई वाली ‘नौटंकी’ बनाके रख दिया है।
जो भी सच्चा समाजवादी है वो अब ये देखकर निराश है कि धरतीपुत्र कहे जाने वाले स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का ‘बबुआ’ एसी कमरे में बैठकर एआई वीडियो बनाके खुशफहमी का शिकार हुए जा रहा है। अंग्रेजी गानों पर फर्जी वीडियो बनाकर खयाली पुलाव पका रहा है।
अरे मेरे चांदी के चम्मच लेकर पैदा होने वाले परम मित्र,
राजनीति गांव, गरीब, किसान के बीच जाकर और पसीना बहाकर होती है…
मोबाइल की स्क्रीन पर नाच-गाना करने और एआई रील बनाने से नहीं!गांव में लोग अब पूछने लगे हैं कि आप पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर हैं, कोई सरकारी काम नहीं है, ना ही कोई जवाबदेही है। चाहते तो हर रोज प्रदेश के एक गांव में जाते और एक-एक व्यक्ति से मिल लेते, मगर आपने 10 साल एसी-पीसी और ट्विटर पर केवल समय बर्बाद किया।
अब जमीन खिसक चुकी है, तो जनता के बीच जाने के बजाय एआई का चश्मा लगाकर अपने चाटुकारों और लोडरों का मन बहला रहे हैं? याद रखिएगा, उत्तर प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा और बहुजन अब आपके झांसे में नहीं आने वाला।
हम अति पिछड़ों और बहुजनों को ऐसा नेता नहीं चाहिए जो खेत-खलिहान छोड़कर इंटरनेट पर मसखरी करे।
2027 में यूपी की गरीब जनता आपके एआई वीडियो वाली राजनीति का ऐसा बुखार उतारेगी कि साइकिल का हैंडिल-पैंडिल तक ढूंढते रह जाएंगे।
जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम,
जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!
@yadavakhilesh— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) October 25, 2026
उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश का गैर-यादव पिछड़ा वर्ग और बहुजन समाज अब अखिलेश के झांसे में आने वाला नहीं है। राजभर के मुताबिक अति पिछड़े और बहुजन ऐसे नेतृत्व की अपेक्षा करते हैं जो खेत-खलिहान और आम लोगों के मुद्दों से जुड़ा हो।
2027 में AI की राजनीति पर जनता देगी जवाब?
राजभर ने अपने हमले को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए दावा किया कि प्रदेश की गरीब जनता अखिलेश की एआई वीडियो वाली राजनीति का बुखार उतार देगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव से पहले सोशल मीडिया, राजनीतिक प्रचार और पिछड़े वर्गों के समर्थन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है।






