Bulldozer Action : चैंबरों पर चला बुलडोजर तो भड़के वकील, मशीनों के आगे लेटे, 2027 में जवाब देने की चेतावनी
लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायालय के आसपास 211 अवैध चैंबरों को ध्वस्त करने पहुंची नगर निगम की टीम, 10 बुलडोजरों से शुरू हुई कार्रवाई का अधिवक्ताओं ने किया विरोध, रो पड़ीं महिला वकील

लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के आसपास अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर आक्रामक विरोध देखने को मिला। अपने चैंबरों पर बुलडोजर चलते ही अधिवक्ता भड़क उठे। किसी ने सड़क पर बोरी बिछाकर विरोध जताया तो कोई नारेबाजी करते हुए कार्रवाई रोकने की मांग करने लगा। कुछ देर की कार्रवाई के बाद विरोध और तेज हो गया। आक्रोशित वकील ध्वस्तीकरण में लगे बुलडोजर पर चढ़ गए और उसके पहियों के सामने लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। कई महिला अधिवक्ता कार्रवाई के दौरान रो पड़ीं।

पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम 211 चैंबरों को ध्वस्त करने के लिए अभियान शुरू किया। कार्रवाई में 10 बुलडोजर लगाए गए, जबकि मलबा हटाने के लिए भी मशीनों की मदद ली गई। विरोध बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि कार्रवाई को लेकर वकीलों में नाराजगी बनी रही। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई का जवाब 2027 में दिया जाएगा।

हाईकोर्ट से राहत नहीं, फिर चला बुलडोजर
नगर निगम की कार्रवाई से पहले अधिवक्ता हाईकोर्ट पहुंचे थे और निगम के खिलाफ अपील दायर की थी लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। नगर निगम ने पहले ही संबंधित अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए थे। नोटिस पर आईं 14 आपत्तियों का निस्तारण भी करने की बात कही गई। यह कार्रवाई पहले 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी.लेकिन आपत्तियों के निस्तारण और अदालत में अपील लंबित होने के कारण इसे टाल दिया गया था। मई से अगस्त के बीच नगर निगम दो चरणों में 72 अवैध चैंबरों को ध्वस्त कर चुका है।
हाईकोर्ट ने कार्रवाई पूरी करने के लिए दिया था पांच हफ्ते का समय
अधिवक्ताओं के चैंबरों और अन्य निर्माणों से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 10 सितंबर को शेष अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने प्रशासन से पांच सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी करने का प्रयास करने को कहा था। इससे पहले संबंधित कब्जेदारों को अपने निर्माण की वैधता के दस्तावेज पेश करने या खुद अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था।

इससे पहले 17 मई को हाईकोर्ट के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ था। उस दौरान चिह्नित 72 अतिक्रमणों में से 14 ही हटाए जा सके थे। अधिवक्ताओं के विरोध और हंगामे के कारण अभियान रोकना पड़ा था। इसके बाद 30 अगस्त को दोबारा कार्रवाई कर चैंबरों और दुकानों समेत कई अवैध निर्माण हटाए गए। नगर निगम ने इस कार्रवाई की रिपोर्ट हाईकोर्ट में भी पेश की थी।
रविवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान विरोध और टकराव की स्थिति बन गई।







