Ayodhya Sharad Purnima : शरद पूर्णिमा की चांदनी में सजेगी रामलला की आराधना, सरयू घाटों पर उमड़े श्रद्धालु
सरयू में स्नान-दान कर लोगों ने मांगी सुख-समृद्धि, राम जन्मभूमि मंदिर में विशेष पूजन के साथ मध्यरात्रि में खीर का भोग, पारंपरिक पदगायन होगा

अनिल निषाद
अयोध्या, 25 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को सरयू नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। लोगों ने पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। उधर, राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के विशेष पूजन-अर्चन की तैयारियों के बीच पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। देर रात भगवान को खीर का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
शरद पूर्णिमा पर स्नान-दान का विशेष महत्व
शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में खास महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस रात चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी में रखी खीर को मध्यरात्रि के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करना शुभ होता है। इसी परंपरा के तहत कई जगहों पर घरों और मंदिरों में खीर तैयार कर उसे चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है।
अयोध्या में भी इस पर्व पर सरयू स्नान की परंपरा निभाई गई। सुबह से घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना की। लोगों ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान-पुण्य कर परिवार के कल्याण की प्रार्थना की।
रामलला को अर्पित होगा खीर का विशेष भोग
राम जन्मभूमि मंदिर में शरद पूर्णिमा के मौके पर रामलला की विशेष पूजा की जा रही है। मंदिर की परंपराओं के मुताबिक, देर रात भगवान को खीर का भोग लगाया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन होगा। पर्व को लेकर मंदिर में धार्मिक आयोजन की तैयारियां की गई हैं।
संध्या आरती के बाद शुरू होंगे विशेष अनुष्ठान
रामलला के विशेष पूजन के दौरान मंदिर में पारंपरिक पदगायन भी किया जाएगा। अर्चक प्रमुख आचार्य केशव की मौजूदगी में संध्या आरती के बाद विशेष अनुष्ठान शुरू होंगे। धार्मिक परंपरा के तहत रामलला के चल विग्रह को गर्भगृह से बाहर स्थित उत्तरी चबूतरे पर ले जाया जाएगा। यहां शरद पूर्णिमा से जुड़े विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।
मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शरद पूर्णिमा के आयोजन को देखते हुए राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) ने संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है।






