UP Roadways में हंगामा : प्रताड़ना से तंग ड्राइवर व कंडक्टर ने खुद पर डाला पेट्रोल, साथियों ने आत्मदाह से बचाया
लखनऊ के कैसरबाग वर्कशॉप में संविदा चालक-परिचालकों का प्रदर्शन, लोड फैक्टर के दबाव और डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई न होने से नाराज, एआरएम पर लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के कैसरबाग स्थित वर्कशॉप में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वेतन में देरी और कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से नाराज एक संविदा बस चालक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। साथी चालक को इस हालत में देखकर एक परिचालक ने भी खुद पर पेट्रोल डाल लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को आत्मदाह करने से बचा लिया। घटना के बाद वर्कशॉप परिसर में तनाव फैल गया और कर्मचारियों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया।
डग्गामार वाहन सड़कों पर, कार्रवाई के बजाय चालकों पर दबाव!
आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक इरफान ने अपनी परेशानी बताते हुए परिवहन निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह गोरखपुर रूट पर बस चलाते हैं लेकिन इस मार्ग पर डग्गामार वाहनों और निजी बसों के संचालन के कारण रोडवेज बसों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पातीं। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से उन पर लोड फैक्टर पूरा करने का दबाव बनाया जाता है।
आरोप है कि कर्मचारी लंबे समय से डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं लेकिन अवैध तरीके से संचालित वाहनों पर शिकंजा कसने के बजाय कर्मचारियों को ही परेशान किया जा रहा है। इससे चालकों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
एआरएम पर प्रताड़ना के आरोप, समय पर वेतन नहीं मिलने से संकट
प्रदर्शन कर रहे संविदा चालक और परिचालकों ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) पर मनमाने तरीके से काम कराने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बिना उचित कारण निर्धारित रूट से हटा दिया जाता है।वेतन का समय पर भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों का रवैया भी उनके प्रति सहयोगात्मक नहीं है। उनका कहना है कि जब विभाग के अधिकारी अपने ही कर्मचारियों से ठीक से बात नहीं करते तो समस्याओं के समाधान की उम्मीद कैसे की जाए?

मुख्य गेट बंद, कार्रवाई और भुगतान की मांग पर अड़े कर्मचारी
हंगामे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर वर्कशॉप का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। परिसर में कर्मचारियों का हंगामा और विरोध जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासनिक प्रताड़ना के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बिना उचित कारण रूट से हटाने की कार्रवाई रोकी जाए और लंबित वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि गोरखपुर सहित अन्य मार्गों पर डग्गामार वाहनों के संचालन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए जिससे रोडवेज बसों को पर्याप्त सवारियां मिल सकें और चालकों पर अव्यावहारिक दबाव न बनाया जाए।






