
लखनऊ, 5 मार्च 2025
उत्तर प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को विधानसभा परिसर में गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया। यह प्रतिबंध एक विधायक द्वारा हॉल में कालीन पर पान मसाला थूकने के असभ्य कृत्य पर हुए हंगामे के बाद लगाया गया है। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा और उल्लंघन करने वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रतिबंध की घोषणा एक दिन पहले ही की थी, जब उन्होंने विधानसभा को बताया था कि अज्ञात विधायक के कृत्य के बाद उन्होंने कालीन साफ करवाया था। उन्होंने मंगलवार को चल रहे बजट सत्र के दौरान सदन में कहा, “मैंने विधायक को एक वीडियो में देखा है। लेकिन मैं किसी व्यक्ति को अपमानित नहीं करना चाहता। इसलिए मैं उनका नाम नहीं ले रहा हूं। मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि अगर वे किसी को ऐसा करते हुए देखें तो उन्हें रोकना चाहिए।
इस विधानसभा को साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। अगर संबंधित विधायक आकर मुझसे कहते हैं कि उन्होंने ऐसा किया है तो यह अच्छा होगा। अन्यथा मैं उस व्यक्ति को तलब करूंगा।”बाद में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए महाना ने विधानसभा के लिए अच्छी छवि के महत्व पर जोर दिया, “जो न केवल इसके 403 विधायकों के लिए बल्कि राज्य के 25 करोड़ लोगों के लिए है”। उन्होंने कहा, “एक अच्छी छवि सभी पर सकारात्मक प्रभाव डालती है और यही बात नकारात्मक छवि और अव्यवस्था के मामले में भी लागू होती है… मैंने सभी विधायकों को एक-दूसरे पर नजर रखने का निर्देश दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।”
इस बीच, थूक के दाग की सफाई की निगरानी करते हुए अध्यक्ष का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कार्यवाही के लिए हॉल में प्रवेश करते समय उन्होंने इस दाग को देखा। उन्होंने कहा, “मैं एक व्यक्ति के कृत्य के कारण सभी की गरिमा को क्यों प्रभावित होने दूं? कृपया पता लगाएं कि यह किसने किया। कालीन को बदलने और साफ करने का पैसा उस व्यक्ति से लिया जाना चाहिए।”
अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि विधानसभा उत्तर प्रदेश की जनता की है, किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं।






