Uttar Pradesh

डेंड्राइमर नैनो टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी खोज करने वाले मिर्ज़ापुर के वैज्ञानिक का नाम ‘Who’s Who in America’ की सूची में शामिल

संतोष देव गिरि

मिर्जापुर,18 मार्च 2025

मिर्जापुर के चुनार तहसील के बगही गांव के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. मयंक सिंह को “Who’s Who in America” के 78वें संस्करण में शामिल किया गया है। यह सम्मान उन वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रतीक है, जिन्होंने डेंड्राइमर नैनो टेक्नोलॉजी एवं नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित किया। डॉ. मयंक का नाम अब बिल गेट्स, एलन मस्क, बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रम्प, डॉ. डोनाल्ड टोमालिया, तथा डॉ. अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे विश्व प्रसिद्ध हस्तियों के बीच दर्ज है।

प्रमुख योगदान एवं मान्यता

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डेंड्राइमर टेक्नोलॉजी के जनक एवं अग्रदूत डॉ. डोनाल्ड टोमालिया ने अपने अनुसंधान केंद्र से औपचारिक दस्तावेज़ एवं रिकॉर्ड्स के माध्यम से डॉ. मयंक को बधाई दी। सेंट्रल मिशिगन यूनिवर्सिटी-कॉलेज ऑफ मेडिसिन में ग्रेजुएट फैकल्टी एवं एडजंक्ट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत डॉ. मयंक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जिनेवा एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उनके वैज्ञानिक कार्य को सराहते हुए टोमालिया ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारत के विज्ञान के क्षेत्र में गर्व का विषय भी है।

शैक्षिक पृष्ठभूमि एवं ग्रामीण प्रेरणा

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी से प्रारंभिक फार्मेसी शिक्षा प्राप्त करने के बाद, डॉ. मयंक ने हैदराबाद स्थित CSIR-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान से पीएचडी तथा नलसर विश्वविद्यालय से पेटेंट कानून में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पूरा किया। उनके गाँव के नागरिक, जैसे राजकुमार पटेल, इस उपलब्धि पर गर्व का अनुभव करते हैं। डॉ. मयंक का यह सम्मान, भारतीय वैज्ञानिक प्रतिभा को वैश्विक मंच पर उजागर करता है और भविष्य में नई ऊँचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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