
मयंक चावला
आगरा, 23 मार्च 2025:
यूपी के आगरा जिले के निवासी राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को गद्दार कहे जाने वाले बयान के बाद हिंदुत्ववादी संगठन उबल पड़े हैं। जगह जगह सुमन के पुतले फूंके गए थानों में तहरीर दी गई और जीभ काटने पर एक लाख देने तक का एलान कर दिया गया। इन सबके बीच राज्यसभा सांसद ने अपने बयान पर खेद जताकर कहा कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था।

हिन्दू महासभा ने पुतला फूंका, थाने में सांसद के खिलाफ दी गई तहरीर
सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को गद्दार और हिंदुओं को उनकी औलाद कहने का बयान सुर्खियों में आ गया है। रविवार को आगरा में सपा सांसद के खिलाफ अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका और नारेबाजी की। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने नोटों की गड्डियां दिखाकर कहा- जो भी रामजी लाल सुमन की जीभ काटकर लाएगा, उसे 1 लाख रुपए कैश दिए जाएंगे। सांसद का भी डीएनए टेस्ट होना चाहिए। महासभा ने सपा सांसद के खिलाफ थाना हरी पर्वत में तहरीर दी है। इसमें 24 घंटे के अंदर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। प्रदेश अध्यक्ष युवा बृजेश भदौरिया ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में निहत्थे कार सेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। सपा पार्टी के नेता अबू आजमी ने औरंगजेब को अपना आदर्श बताया है। उसी कड़ी में रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा को गद्दार कहा है। सपा का तो इतिहास यही रहा है।
राज्यसभा में दिया बयान बना आक्रोश की वजह, घर आकर वीडियो जारी कर जताया खेद
बता दें कि आगरा निवासी सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को ही राज्यसभा में विवादित बयान दिया था। जिसमे उन्होंने कहा था कि भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है?
बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। रविवार को अपने गृह जनपद में बखेड़ा खड़ा होते देख सांसद ने अपने आवास पर आने के बाद एक वीडियो जारी कर खेद जताया और कहा कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था।






