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26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ाई गई

नई दिल्ली, 6 जून 2025

दिल्ली की एक अदालत ने  शुक्रवार को 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ा दी।  तहव्वुर राणा को पहले दी गई न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विशेष न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह के समक्ष पेश किया गया।

पटियाला हाउस कोर्ट ने राणा के वकील द्वारा उसकी बिगड़ती सेहत का मुद्दा उठाए जाने के बाद तिहाड़ जेल अधिकारियों से 9 जून तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। ताजा आदेश के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर के पूर्व अधिकारी राणा को 9 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा। 9 मई को एक विशेष एनआईए अदालत ने राणा को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिससे संघीय आतंकवाद विरोधी एजेंसी द्वारा पूछताछ में अस्थायी विराम लग गया था।

एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक राणा की आवाज और हस्तलिपि के नमूने अदालत में एकत्र किए थे, ताकि 26/11 के सह-आरोपी डेविड कोलमैन हेडली के साथ उसकी टेलीफोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग से उनका मिलान किया जा सके।

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हाल ही में अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए राणा पर संदेह है कि उसने हेडली को हस्तलिखित नोट्स दिए थे, जिनमें निर्देश, निर्देशांक और नक्शे साझा किए गए थे, जिनका इस्तेमाल 26/11 के लक्ष्यों की टोह लेने के लिए किया गया था। एनआईए ने राणा को मुंबई और अन्य शहरों में ले जाने की भी योजना बनाई थी ताकि आतंकी हमले से पहले की घटनाओं की श्रृंखला को फिर से जोड़ा जा सके जिसमें 166 लोग मारे गए थे।

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अप्रैल में, विशेष एनआईए अदालत ने जांचकर्ताओं को उससे पूछताछ करने की अनुमति देने के लिए राणा की एनआईए हिरासत को 12 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था। विशेष न्यायाधीश चरणजीत सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन की याचिका स्वीकार कर ली कि जांच एजेंसी को 2008 के मुंबई हमले में राणा की भूमिका को उजागर करने के लिए और समय चाहिए। 28 अप्रैल को 18 दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद राणा को एनआईए हिरासत बढ़ाने के लिए अदालत में पेश किया गया था। अदालती कार्यवाही के दौरान, विशेष न्यायाधीश को एनआईए ने पूछताछ के दौरान राणा द्वारा अपनाई गई कथित टालमटोल तकनीक के बारे में बताया।

एनआईए रिमांड के दौरान राणा से मुंबई पुलिस अधिकारियों ने भी पूछताछ की। पूछताछ में राणा ने दावा किया कि हमले की योजना या क्रियान्वयन से उसका “कोई संबंध नहीं” था। उसने यह भी दावा किया कि उसका बचपन का दोस्त और सह-आरोपी हेडली 26/11 की टोह और योजना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार था।

हेडली फिलहाल अमेरिका की जेल में है। मामले में सरकारी गवाह बने हेडली ने पहले लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की ओर से मुंबई समेत पूरे भारत में रेकी मिशन चलाने की बात स्वीकार की थी।

पूछताछ के दौरान राणा ने बताया कि मुंबई और दिल्ली के अलावा वह केरल भी गया था। जब उससे केरल जाने का उद्देश्य पूछा गया तो उसने दावा किया कि वह वहां अपने किसी परिचित से मिलने गया था और उसने एजेंसी को उस व्यक्ति का नाम और पता भी बताया था। मुंबई हमले के मामले में मुकदमा चलाने के लिए राणा को हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।

 

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