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‘ओडीओसी’ से यूपी की खाद्य विरासत को मिलेगी नई पहचान… सभी 18 मंडलों में होंगे फूड क्लस्टर

'वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन' मॉडल पर काम कर रही सरकार, हर जिले के खास व्यंजन को मिलेगा मजबूत प्लेटफॉर्म

लखनऊ, 4 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश की पारंपरिक खानपान संस्कृति को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। योगी सरकार प्रदेश की खाद्य विरासत को रोजगार, निवेश और बाजार से जोड़ने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन मॉडल पर काम कर रही है। योजना के तहत प्रदेश के सभी 18 मंडलों में क्यूजीन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे हर जिले के खास व्यंजन को संगठित प्लेटफॉर्म मिल सके।

इस पहल का मकसद सिर्फ स्वाद बचाना नहीं है, बल्कि उसे बेहतर पैकेजिंग, सही मार्केट और आधुनिक सुविधाओं के साथ देश और दुनिया तक पहुंचाना है। क्यूजीन क्लस्टर मॉडल को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक मजबूती दोनों से जोड़ा जा रहा है।

हर मंडल बनेगा फूड पहचान का केंद्र

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क्यूजीन क्लस्टर के तहत हर मंडल में वहां के जिलों के पारंपरिक और मशहूर व्यंजनों को चुना जाएगा। इन व्यंजनों को गुणवत्ता सुधार, आकर्षक पैकिंग और ब्रांडिंग के जरिए बाजार में उतारा जाएगा। इससे स्थानीय स्वाद सुरक्षित भी रहेंगे और आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के मुताबिक भी ढलेंगे।

यूपी के पारंपरिक स्वाद बनेंगे बड़े ब्रांड

आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, गोरखपुर का लिट्टी-चोखा, कानपुर का समोसा और लड्डू जैसे व्यंजन अब सिर्फ स्थानीय पहचान तक सीमित नहीं रहेंगे। इन्हें राज्य स्तर के फूड ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा। ई कॉमर्स, फूड फेस्टिवल और पर्यटन स्थलों के जरिए ये स्वाद देश और विदेश तक पहुंचेंगे।

स्टार्टअप व छोटे कारोबारियों को मिलेगा सहारा

इस योजना से फूड स्टार्टअप, एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को नई ताकत मिलेगी। फूड प्रोसेसिंग यूनिट, पैकेजिंग, कोल्ड चेन, गुणवत्ता जांच और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे युवाओं और महिलाओं को कारोबार शुरू करने के मौके मिलेंगे।

कारोबार करना होगा आसान

क्यूजीन क्लस्टर मॉडल के जरिए फूड सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी है। सिंगल विंडो सिस्टम और आसान नियमों के चलते स्थानीय उत्पादकों को एफएसएसएआई, ब्रांडिंग सपोर्ट और मार्केट से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे वे अपने उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार कर सकेंगे।

रोजगार और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय निवेश को बढ़ावा मिलेगा। होटल, रेस्टोरेंट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बड़े पर्यटन स्थलों पर ODOC क्यूजीन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे एक फूड डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी पहचान बना सकेगा।

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