Lucknow CitySports

मेजर ध्यानचंद की धरती पर पहुंची जूनियर हॉकी वर्ल्डकप ट्रॉफी, क्या फिर ताजा होंगी 2016 जीत की यादें?

जूनियर हॉकी विश्वकप की ट्रॉफी लखनऊ पहुंचते ही खेल प्रेमियों में जोश भर गया। सीएम योगी ने कहा कि यह ट्रॉफी उत्तर प्रदेश के स्वर्णिम खेल इतिहास और मेजर ध्यानचंद की याद दिलाती है।

लखनऊ, 12 नवंबर 2025:

एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्वकप की चमचमाती ट्रॉफी मंगलवार को लखनऊ पहुंची। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर इसका अनावरण किया। उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी उत्तर प्रदेश के गौरवशाली खेल इतिहास की याद दिलाती है, क्योंकि यह धरती महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि रही है।

सीएम योगी ने किया ट्रॉफी का अनावरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रॉफी का स्वागत करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में 24 अंतरराष्ट्रीय टीमें हिस्सा ले रही हैं और यह भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हमेशा से हॉकी के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। इसी प्रदेश ने दुनिया को मेजर ध्यानचंद जैसे लीजेंड दिए, जिनके नेतृत्व में भारत ने लगातार तीन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते।

ये भी पढ़ें:

मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का जिक्र

सीएम योगी ने बताया कि उनकी सरकार मेजर ध्यानचंद की स्मृति में मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बना रही है, जो देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने का बड़ा केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय आने वाले समय में हॉकी सहित सभी खेलों में युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।

ट्रॉफी का सफर और अगला पड़ाव

भारत की मेजबानी में 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरई में होने वाले जूनियर हॉकी विश्वकप की यह ट्रॉफी फिलहाल देशभर की यात्रा पर है। 12 नवंबर को यह लखनऊ पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के अलावा खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह और खेल सचिव सुहास एलवाई समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। लखनऊ के बाद ट्रॉफी उदयपुर रवाना होगी।

2016 में लखनऊ बना था विश्व विजेता

यह ट्रॉफी लखनऊ के लिए खास महत्व रखती है, क्योंकि साल 2016 में यहां जूनियर हॉकी विश्वकप का आयोजन हुआ था। उस समय मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को हराकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।

ये भी पढ़ें  खेतों में कॉलोनी बसाने की थी तैयारी...56 करोड़ की प्लाटिंग पर गरजा बुलडोजर

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button