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अंतरिक्ष में भारत की शान, धरती पर अशोक चक्र : लखनऊ के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सम्मानित

दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शांतिकाल के सर्वोच्च सम्मान ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 14 दिनों तक प्रवास कर भारत का नाम विश्व पटल पर किया रोशन

लखनऊ, 26 जनवरी 2026:

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देश ने एक ऐसे सपूत को सलाम किया जिसने साहस, विज्ञान और राष्ट्रसेवा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांतिकाल के सर्वोच्च सम्मान ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके अदम्य साहस, असाधारण पराक्रम और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।

यूपी की राजधानी लखनऊ के निवासी शुभांशु शुक्ला ने कुछ माह पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 14 दिनों तक प्रवास कर भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया। वे प्रतिष्ठित ‘एक्सिओम-4 मिशन’ का हिस्सा रहे जिसके तहत उन्होंने 25 जून 2025 को तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी। अंतरिक्ष से 14 जुलाई को पृथ्वी पर सुरक्षित लौटते हुए उन्होंने करीब 20 दिनों का समय मिशन से जुड़ी गतिविधियों में बिताया।

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ISS पर अपने प्रवास के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 60 से अधिक जटिल और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। इन प्रयोगों में जैव-चिकित्सा विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, कृषि अनुसंधान, उन्नत सामग्री विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्र शामिल रहे। माइक्रोग्रैविटी की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मानव शरीर विज्ञान से जुड़े प्रयोगों ने भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए नई राहें खोली हैं।

अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े जोखिम और अत्यधिक दबाव के बावजूद शुभांशु शुक्ला पूरे मिशन के दौरान शांत, केंद्रित और अनुशासित रहे। उनका यह साहसिक प्रदर्शन न केवल वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी है।

शुभांशु शुक्ला का सफर लखनऊ से शुरू होकर अंतरिक्ष तक पहुंचा। 12वीं के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और वहीं से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2006 में वे भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और 2019 में उन्हें गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया।

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विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले वे दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उनके परिवार की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भावुक बना दिया। आज सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश और देश को अपने इस वीर सपूत पर गर्व है।

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