Lucknow City

कमल से साइकिल है जलती… पंकज चौधरी का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार

सपा मुखिया के तंज दो स्टूल मिलकर कुर्सी नहीं बन सकते... पर दोनों डिप्टी सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का सीधा वार, बयानबाजी में इतिहास, समाज और चुनावी संग्राम का ट्रेलर

लखनऊ, 3 मई 2026:

यूपी की सियासत में एक रील ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की साथ में आई रील पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के तंज ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि ‘दो स्टूल मिलकर कुर्सी नहीं बन सकते’, जिसके बाद भाजपा खेमे ने जोरदार पलटवार किया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अखिलेश के पोस्ट को टैग करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि कमल से साइकिल है जलती, इस तरह रोने से किस्मत नहीं बदलती। सिर्फ तुष्टीकरण से सत्ता नहीं मिलती, हार की हैट्रिक से बौखलाहट है दिखती। उनके इस बयान ने सियासी बहस को और धार दे दी।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी मोर्चा संभालते हुए अखिलेश पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक फिट और हिट जोड़ी से उनका घबराना निहायत ही जायज है। मौर्य ने अपनी और ब्रजेश पाठक की जोड़ी को जनता के भरोसे की पहचान बताते हुए इसे नए उत्तर प्रदेश की ताकत करार दिया।

अपने पोस्ट में मौर्य ने ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ भी जोड़े। उन्होंने खुद को चंद्रगुप्त मौर्य की परंपरा का प्रतिनिधि बताते हुए अखंड भारत के संकल्प की बात कही। साथ ही भगवान गौतम बुद्ध की विरासत का जिक्र करते हुए शांति, समता और न्याय के मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने सपा पर वंचित वर्गों के साथ अन्याय के आरोप भी लगाए और कहा कि प्रदेश की जनता इसे भूली नहीं है।

मौर्य ने एक अन्य पोस्ट में सपा पर तंज कसते हुए लिखा कि लाल टोपी, साइकिल निशान, धक्का-मुक्की जिनकी पहचान… 2027 में करेंगे सैफई प्रस्थान। वहीं एक और बयान में उन्होंने ‘फर्जी पीडीए’ का मुद्दा उठाते हुए सपा की राजनीति को अराजकता और गुंडागर्दी से जोड़ दिया।

उधर, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि नए उत्तर प्रदेश की सुपर जोड़ी की चर्चा हर जगह है, इसलिए उनकी परेशानी समझ में आती है।

यूपी की सियासत में एक साधारण रील से शुरू हुआ विवाद अब 2027 के विधानसभा चुनाव की बड़ी सियासी लड़ाई का संकेत बन चुका है। इसमें शब्दों के वार से ही चुनावी रणनीतियों की झलक दिखने लगी है।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  ग्लोबल तनाव के बीच बाजार की सुस्त शुरुआत... बाद में लौटी तेजी, अदाणी ग्रुप के शेयरों में दिखा उछाल

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link