लखनऊ, 3 मई 2026:
रविवार को लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 609 युवाओं को नियुक्ति-पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों और स्वास्थ्य विभाग के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को जॉइनिंग लेटर दिए। इस मौके पर उन्होंने सरकार की निष्पक्षता की मिसाल सामने रखी तो पूर्व सरकार का कच्चा चिट्ठा भी खोला।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के मुताबिक रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से चल रही है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई भी व्यक्ति धांधली में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ आजीवन कारावास और संपत्ति जब्ती तक की कार्रवाई होगी। अब कोई जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। प्रत्येक खाद्य सामग्री जो जनता के लिए परोसी जाएगी, उसकी Quality को सुनिश्चित कर पाएंगे। आज किसी भी औषधि की जांच करने के लिए हमारे पास हर मंडल स्तर पर एक लैब है।

उन्होंने बताया कि 2026-27 में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के जरिए डेढ़ लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जिसमें 2 लाख 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। उन्होंने युवाओं से मुखातिब होकर कहा कि निष्पक्षता का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि जिसके नेतृत्व में भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो रही है, वह आप ही के बीच में बैठा है, लेकिन आप उनको पहचानते नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने पुराने दौर की भर्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले चयन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां होती थीं। कई मामलों में परीक्षा कोई और देता था और नौकरी किसी और को मिलती थी। उन्होंने कहा कि ऐसी अनियमितताओं की वजह से कई युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। चाचा-भतीजा की जोड़ी व खर्ची-पर्ची से भर्ती चल रही थी। आज इन सबसे निजात मिल चुकी है।

उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र का एक मामला साझा करते हुए बताया कि पुलिस भर्ती में चयन के बावजूद नियुक्ति न मिलने पर एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी युवा का सपना टूटना सिर्फ उसके साथ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के साथ भी अन्याय होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अदालतों को दखल देना पड़ता था, लेकिन अब सिस्टम में बदलाव हुआ है और प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाया गया है। मां-बाप के सपने साकार हो रहे हैं और युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए सरकार प्लेटफॉर्म दे रही है।






