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संघर्ष से स्टारडम तक…जानिए सरोज खान की जिंदगी की अनकही कहानी

13 साल की उम्र में शादी की कड़वी हकीकत झेली और फिर बॉलीवुड की डांस क्वीन बनकर इतिहास रच दिया। सरोज खान की जिंदगी संघर्ष, हिम्मत और अनगिनत आइकॉनिक स्टेप्स की मिसाल है।

मनोरंजन डेस्क, 22 नवंबर 2025 :

बचपन की मासूम हँसी के बीच, सिर्फ 13 साल की उम्र में एक लड़की को शादी की कड़वी हकीकत का सामना करना पड़ा। जिंदगी की इतनी जल्दी आई जिम्मेदारियों ने उसे मजबूर कर दिया, लेकिन फिर भी उसने हार नहीं मानी। वही लड़की, जो बचपन में खुशियों में खोई रहती थी, बड़े सपनों के साथ बॉलीवुड की डांस क्वीन बनकर उभरी। उसकी कहानी सिर्फ ग्लैमर और फिल्मी गानों तक सीमित नहीं है, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और जुनून की मिसाल भी है। ये कहानी है बॉलीवुड की डांस क्वीन सरोज खान की।

सरोज खान: बॉलीवुड की डांस क्वीन की कहानी

बॉलीवुड में डांस कोरियोग्राफी का नाम आते ही सबसे पहले याद आती हैं सरोज खान। 3 हजार से ज्यादा गानों को उन्होंने कोरियोग्राफ किया। फिल्मों के सुपरस्टार्स को नचाया और कई आइकॉनिक डांस स्टेप्स दिए। आज 22 नवंबर को उनकी 75वीं बर्थ एनिवर्सरी है। सरोज खान की प्रोफेशनल लाइफ जितनी शानदार रही, निजी जिंदगी उतनी ही कठिन रही।

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बेहद छोटी उम्र में की शुरुआत

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1948 में जन्मीं सरोज खान का असली नाम निर्मला नागपाल था। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आकर बस गया। मात्र 3 साल की उम्र में ही सरोज खान ने अपने डांस करियर की शुरुआत कर दी। 1950 के दशक में वे फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर बन गईं। उन्होंने डांस कोरियोग्राफर बी. सोहनलाल से डांस सीखा।

पहली शादी और मुश्किलें

सिर्फ 13 साल की उम्र में सरोज खान ने अपने डांस मास्टर बी. सोहनलाल से शादी कर ली। सोहनलाल उनके 30 साल बड़े थे। लेकिन सरोज खान को तब यह पता नहीं था कि सोहनलाल पहले से शादीशुदा और चार बच्चों के पिता थे। 1963 में सरोज खान को खुद मां बनने के बाद यह सच पता चला। बेटे राजू के जन्म के दो साल बाद उनकी दूसरी संतान कुछ महीनों में ही दुनिया से चली गई। सोहनलाल बच्चों का नाम देने से भी मना कर चुके थे।

नई जिंदगी और दूसरी शादी

पहली शादी से अलग होने के बाद सरोज खान ने 1975 में सरदार रोशन खान से शादी की। इस शादी में उन्होंने इस्लाम कबूल किया और नाम बदलकर सरोज खान रख लिया। रोशन खान से उन्हें बेटी सुकैना हुई, जो आज दुबई में अपना डांस इंस्टिट्यूट चलाती हैं।

बॉलीवुड में कब मिला स्टारडम?

पहले पति के साथ रहने के दौरान ही सरोज खान ने कोरियोग्राफी की दुनिया में कदम रखा। धीरे-धीरे उन्होंने नाम कमाया। उन्हें पॉपुलैरिटी तब मिली जब उन्होंने श्रीदेवी के ‘हवा हवाई’, माधुरी दीक्षित के ‘धक धक करने लगा’, ‘मेरे हाथों में’, ‘एक दो तीन’, ‘तम्मा तम्मा’ जैसे गाने कोरियोग्राफ किए।

तीन नेशनल अवॉर्ड और अनगिनत आइकॉनिक स्टेप्स

सरोज खान ने माधुरी दीक्षित, श्रीदेवी, करीना कपूर, ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान और गोविंदा तक को डांस सिखाया। उनका आखिरी गाना 2019 में फिल्म ‘कलंक’ का ‘तबाह हो गए’ था। सरोज खान ने बेस्ट कोरियोग्राफी के लिए तीन नेशनल अवॉर्ड जीते। 17 जून 2020 को कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया।

सरोज खान ने बॉलीवुड में डांस को एक नई पहचान दी। उनका योगदान और उनके बनाए हुए आइकॉनिक स्टेप्स हमेशा याद किए जाएंगे।

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