लखनऊ, 25 नवंबर 2025:
यूपी की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को नागरिक सुरक्षा कोर द्वारा वार्डन क्षमता निर्माण के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) होमगार्ड व सिविल डिफेंस धर्मवीर प्रजापति और विशिष्ट अतिथि के तौर पर डीजी सिविल डिफेंस डीके ठाकुर उपस्थित रहे।
मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने सनातन धर्म के मूल मंत्र परहित धर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल उद्देश्य समाज की सेवा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच दीर्घकालिक है और इस प्रशिक्षण का लक्ष्य सुरक्षा ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना है। मंत्री ने वार्डनों से कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को भी प्रशिक्षित करें ताकि आपदा के समय अधिकतम लोग सही तरीके से मदद कर सकें।
उन्होंने ग्रामीण जीवन के उदाहरण देते हुए कहा कि पहले एक-दूसरे की मदद की जो संस्कृति थी, वही भावना आज नागरिक सुरक्षा के वार्डन निभा रहे हैं। डीके ठाकुर ने कहा कि नागरिक सुरक्षा एक निस्वार्थ संगठन है जो धार्मिक, सामाजिक एवं आपातकालीन परिस्थितियों में अमूल्य सेवाएं देता है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण वार्डनों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी मजबूत करता है।
इससे पहले लखनऊ के चीफ वॉर्डन अमरनाथ मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। सिविल डिफेंस की 6 दिसंबर 1962 को हुई स्थापना, लखनऊ इकाई के अब तक के उल्लेखनीय कार्य, ऑपरेशन सिंदूर, पुलिस लाइन में हुई मॉक ड्रिल और विभिन्न RWA में दिए गए प्रशिक्षणों की जानकारी साझा की। इसके बाद सिविल डिफेंस की गतिविधियों पर आधारित एक संक्षिप्त फिल्म भी प्रदर्शित की गई। आज 90 वार्डनों का पहला बैच प्रशिक्षण में शामिल हुआ। यह कार्यक्रम 7 दिन तक चलेगा।
कार्यक्रम के अंत में सुमित मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर ऋतुराज रस्तोगी, सुनील शुक्ला, हरीश कुमार, नफीस अहमद, सुनील यादव, रमेश चौहान, मुशीर, रामगोपाल, राजेंद्र श्रीवास्तव, ऐश्वर्य इमरान, अनिल, मनोज वर्मा, ऋषि कुमार, मुकेश कुमार, ममता रानी सहित कई अधिकारी एवं वार्डन उपस्थित रहे।






