National

80 kmph की रफ्तार वाला जंगलों का बादशाह…लेकिन आज खुद खतरे में क्यों है?

अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस 2025 पर विशेष:जंगलों का असली बादशाह कहलाने वाला जगुआर आज अवैध शिकार और आवास विनाश के कारण खतरे में है, इसीलिए हर साल 29 नवंबर को 'अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस' मनाकर इसके संरक्षण की वैश्विक मुहिम चलाई जा रही है।

लखनऊ, 29 नवंबर 2025 :

दुनिया की एक ऐसी ताकतवर बिल्ली, जिसकी दौड़ने की स्पीड 80 kmph तक पहुंच जाती है। यही नहीं, यह इतनी खास है कि कई देशों ने इसे अपना राष्ट्रीय पशु भी घोषित किया है। इसके रहस्यमय स्वभाव और अद्भुत शक्ति ने इसे जंगलों का असली बादशाह बना दिया। जंगलों के स्वस्थ होने और जैव विविधता के मजबूत होने का संकेत माना जाने वाला यह जानवर आज गंभीर खतरे में है। आवास विनाश, अवैध शिकार और मानव-वन्यजीव संघर्ष ने इसके अस्तित्व को कमजोर कर दिया है। इसीलिए 29 नवंबर को हर साल ‘अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस’ मनाया जाता है।

कब और क्यों शुरू हुआ यह दिवस?

अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस मनाने की शुरुआत 2018 में हुई थी। यह पहल UNEP, जैव विविधता से जुड़े संगठनों और लैटिन अमेरिकी देशों ने मिलकर की थी। इसका उद्देश्य जगुआर के तेजी से घटते आवास पर दुनिया का ध्यान लाना, अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। इसके साथ-साथ वर्षा वनों, नदी घाटियों और जंगलों को सुरक्षित रखना भी इसका बड़ा लक्ष्य है, ताकि जगुआर का प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बचा रहे। कई देशों में ‘Habitat Help Center’ मॉडल के तहत इनके लिए सुरक्षित गलियारे भी बनाए जा रहे हैं।

WhatsApp Image 2025-11-29 at 9.40.22 AM

 

जगुआर को भारत में क्या कहते हैं?

भारत में इसे आमतौर पर जगुआर ही कहा जाता है। कुछ लोग इसे ‘अमेरिकी चीता’ या ‘अमेरिकी तेंदुआ’ भी बोल देते हैं, क्योंकि यह अमेरिकी महाद्वीप में पाया जाता है और दिखने में भारतीय तेंदुए जैसा लगता है। हालांकि, इसे चीता कहना गलत है। यह भारतीय तेंदुए से आकार, ताकत और व्यवहार में अलग है। इसलिए इसे गलत नामों से पुकारना भ्रम पैदा कर सकता है।

भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत में बाघ, तेंदुआ और हिम तेंदुआ की प्रजातियाँ तो हैं, पर जगुआर नहीं। फिर भी इसका दिवस भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संरक्षण के सफल मॉडल जैसे भारत का Project Tiger, दुनिया के लिए उदाहरण बने हैं। इसी तरह लैटिन अमेरिकी देशों में चल रहे जगुआर संरक्षण प्रोजेक्ट से भारतीय विशेषज्ञ भी बहुत कुछ सीखते हैं। यह दिवस हमें उष्णकटिबंधीय जंगलों, स्वच्छ नदियों और जैव विविधता को बचाने की आवश्यकता की याद दिलाता है।

WhatsApp Image 2025-11-29 at 9.40.23 AM

किन देशों का राष्ट्रीय पशु है जगुआर?

जगुआर ब्राज़ील, गुयाना और मेक्सिको का राष्ट्रीय पशु है। कई छोटे देशों ने भी इसे अपने national animal के रूप में मान्यता दी है।

जगुआर की क्या हैं खासियतें?

जगुआर के पीले फर पर काले रोसेट और धब्बे होते हैं, और हर जगुआर का पैटर्न अलग होता है। यह लगभग 10 फीट तक छलांग लगा सकता है और दुनिया की सबसे ताकतवर व तेज बड़ी बिल्लियों में से एक है। इसका साइंटिफिक नाम Panthera onca है। कुछ जगुआर काले रंग के भी होते हैं, जिन्हें ब्लैक पैंथर कहा जाता है, और इनकी स्पीड लगभग 80 km/h तक होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button