लखनऊ, 4 जनवरी 2026:
चर्चित लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को लखनऊ पुलिस ने शनिवार रात पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। हालांकि देर रात करीब 11 बजे नेहा सिंह राठौर कोतवाली से बाहर आ गईं। उन्होंने बताया कि उनका बयान दर्ज नहीं हो सका है। संभव है कि पुलिस उन्हें आगे फिर से बुलाए।
जानकारी के मुताबिक 27 अप्रैल को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। यह शिकायत गुडंबा क्षेत्र स्थित वुडलैंड पैराडाइज अपार्टमेंट निवासी कवि अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय ‘निर्भीक’ ने दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट और वीडियो साझा किए जिनसे राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। धर्म व जाति के आधार पर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ उकसाने का प्रयास किया गया।
तहरीर में यह भी कहा गया कि नेहा सिंह ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को लेकर सवाल उठाए और ऐसे बयान दिए जिनसे दो समुदायों के बीच आपसी सौहार्द बिगड़ सकता है। शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पैदा हुई। आरोप है कि उनके कथित भारत विरोधी बयान सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान तक पहुंचे जहां उन्हें व्यापक रूप से वायरल किया गया। पाकिस्तानी मीडिया ने भारत के खिलाफ अपने प्रचार में इन बयानों का इस्तेमाल किया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरे प्रकरण से न सिर्फ देश की छवि को नुकसान पहुंचा बल्कि कवि और साहित्य समाज के सम्मान को भी ठेस पहुंची। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने नेहा सिंह राठौर को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार रात नेहा सिंह राठौर अपने पति के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं जहां पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया और महिला थाने में रखा गया। हालांकि इस मामले में पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर बयान देने से इनकार किया है।
वहीं, कोतवाली से बाहर आने के बाद नेहा सिंह राठौर ने कहा कि उनका बयान किसी कारणवश दर्ज नहीं हो पाया। आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से उन्हें सूचना दी जाएगी। फिलहाल मामला सोशल मीडिया, अभिव्यक्ति की आजादी और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में बना हुआ है।






